बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा है कि जिला परिषद की भूमि का योजनाबद्ध विकास कर सीवान सहित पूरे बिहार में रोजगार सृजन को नई गति दी जाएगी। मंत्री शनिवार को अपने एक दिवसीय प्रवास पर सिवान पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने दारौंदा प्रखंड के निर्माणाधीन हड़सर पंचायत सरकार भवन का औचक निरीक्षण किया तथा निर्माण कार्य में पाई गई कमियों पर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
पीपीटी प्रेजेंटेशन से दी योजनाओं की जानकारी
निरीक्षण के बाद शाम को सीवान परिसदन में मंत्री दीपक प्रकाश की अध्यक्षता में पंचायती राज विभाग के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने दी जानकारी।
बैठक में पटना मुख्यालय से उप सचिव गोविंद चौधरी, उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभागीय योजनाओं की प्रगति का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
64 भवनों का निर्माण पूर्ण, 219 भवन निर्माणाधीन
रविवार को परिसदन में आयोजित प्रेसवार्ता में मंत्री ने बताया कि सीवान के 283 पंचायतों में पंचायत सरकार भवनों की स्थिति की समीक्षा की गई है। इनमें से 64 भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि 219 भवन निर्माणाधीन हैं।
शेष भवनों के लिए प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि समय पर कार्य पूर्ण नहीं करने या गुणवत्ता में लापरवाही बरतने पर संबंधित एजेंसियों एवं पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने 19 जनवरी 2026 तक पंचायत सरकार भवनों से संबंधित भूमि चयन के सभी लंबित मामलों का समाधान करने तथा 13 जनवरी 2026 तक पूर्ण भवनों को विभाग को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया।
10 जनवरी तक नियमानुसार भुगतान करने के निर्देश
मंत्री ने बताया कि 15वीं वित्त आयोग के अंतर्गत योजनाओं के भुगतान में मैरवा, लकड़ी नबीगंज, नवतन एवं बड़हरिया प्रखंड पिछड़े हुए हैं। वहीं षष्ठम वित्त आयोग की योजनाओं के भुगतान में गोरियाकोठी प्रखंड पीछे है। सभी संबंधित प्रखंडों को 10 जनवरी 2026 तक नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
जिला परिषद की जमीनों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराए जाने पर मंत्री ने नाराजगी जताई और 13 जनवरी 2026 तक सभी जमीनों का ब्यौरा भेजने का आदेश दिया।
कन्या विवाह मंडप निर्माण की भूमि चयन में हो पारदर्शिता
उन्होंने बताया कि इन जमीनों को दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, मॉल एवं आवासीय परिसर के लिए लीज पर देकर रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। इसके अलावा ग्राम कचहरी में वादों की ऑनलाइन प्रविष्टि बढ़ाने, पंचायत सरकार भवनों में कर्मियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, स्ट्रीट लाइट से संबंधित लंबित भुगतानों को 31 जनवरी 2026 तक निपटाने तथा कन्या विवाह मंडप निर्माण हेतु भूमि चयन में पारदर्शिता रखने के निर्देश भी दिए गए।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.