यमुनानगर की जगाधरी जेल में बंद छह कैदियों और बंदियों के साथ मारपीट और जबरन उगाही मांगने का मामला सामने आया है। इस संबंध में कैदियों और बंदियों के परिजनों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश, यमुनानगर को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने और घायल कैदियों का मेडिकल परीक्षण कराने की मांग की है। कोर्ट के आदेश पर जगाधरी सिटी थाना पुलिस सभी कैदियों और बंदियों को रात करीब सात बजे जगाधरी सिविल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए लेकर पहुंची। वहां उनके परिजन भी पहुंचे और पुलिस कर्मियों के साथ बहस भी हुई। परिजनों ने जताई हडि्डयां टूटने की आशंका परिजनों ने कोर्ट में दी अर्जी में बताया कि सोमवार सुबह करीब 8 बजे जेल में तैनात कुछ पुलिस अधिकारियों ने कैदियों और बंदियों — मनोहर लाल, गुरमीत, मनदीप, नरेंद्र, योगेश और चांद मोहम्मद — से पैसे देने की मांग की। आरोप है कि जब कैदियों ने पैसे देने से मना कर दिया तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें बेरहमी से पीटा, जिससे कई कैदी गंभीर रूप से घायल हो गए और कुछ की हड्डियां टूटने की आशंका है। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद से जेल प्रशासन घायलों को उचित इलाज, दवाइयां और भोजन भी सही तरीके से उपलब्ध नहीं करा रहा है। सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग ऐसे में उन्होंने अदालत से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और घायल कैदियों का तुरंत मेडिकल परीक्षण करवाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। परिजनों ने अदालत से अपील की है कि कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, क्योंकि उन्हें जेल के अंदर अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। कुरुक्षेत्र के बाबैन क्षेत्र के मंडोखरा निवासी अमनदीप ने बताया कि उसके पति नरेंद्र पुत्र हरविंद्र को कोर्ट ने छह माह पहले धारा 302 के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। करीब डेढ़ माह तक उसे कुरुक्षेत्र जेल में रखा गया, जिसके बाद उसे यमुनानगर की जगाधरी जेल में शिफ्ट कर दिया गया। जबरन बेचा जा रहा जेल का सामान अमनदीप का आरोप है कि उसके पति को जेल में लगातार परेशान किया जा रहा है और उससे जबरन उगाही की जा रही है। इतना ही नहीं, जेल में कैदियों द्वारा तैयार किए गए फर्नीचर को कैदियों और बंदियों के माध्यम से उनके परिजनों को जबरन बेचा जा रहा है। उसका आरोप है कि उसे भी 50 हजार रुपये का फर्नीचर जबरन खरीदने के लिए मजबूर किया गया। सोमवार को उसके पास जेल से उसके पति नरेंद्र का फोन आया, जिसमें उसने बताया कि जेल में उसके और उसके साथियों — मनोहर लाल, गुरमीत, मनदीप, योगेश और चांद मोहम्मद — के साथ बुरी तरह मारपीट की गई है। इसके बाद उन्होंने तुरंत यमुनानगर कोर्ट में अपने पति का मेडिकल कराने के लिए अर्जी दी। जेल प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए एक दूसरे को चोट पहुंचाई इस पूरे मामल में जेल एसपी सतेंद्र का कहना है कि कैदियों ने जेल प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए आपस में ही एक-दूसरे को चोट पहुंचाई है। जेल में उनके साथ किसी प्रकार की मारपीट या प्रताड़ना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था तो उन्हें इसकी शिकायत देनी चाहिए थी। कैदियों के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं। वहीं, कैदियों द्वारा बनाए गए फर्नीचर को जबरन बिकवाने के आरोप पर एसपी ने कहा कि उनके पास सामान के प्री-ऑर्डर ही पूरे नहीं हो पा रहे हैं, ऐसे में किसी कैदी के परिजनों को सामान जबरन बेचने का सवाल ही नहीं उठता।
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