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अगर किसान गेहूं की खेती में खरपतवार नियंत्रण, सही दवा और समय पर सिंचाई जैसी वैज्ञानिक बातों का ध्यान रखें, तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है. इससे न सिर्फ फसल की गुणवत्ता सुधरेगी बल्कि किसानों की आमदनी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी.
पलामू. झारखंड और बिहार में आज भी अधिकतर किसान गेहूं की खेती पारंपरिक तरीके से कर रहे हैं. सीमित संसाधन और आधुनिक तकनीकों की जानकारी के अभाव में किसान मेहनत तो बहुत करते हैं, लेकिन फसल से उतना उत्पादन नहीं मिल पाता जितनी उम्मीद होती है. कृषि विशेषज्ञ डॉ० अखिलेश शाह ने बताया कि अगर शुरुआती अवस्था में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाया जाए तो गेहूं की पैदावार में अच्छी बढ़ोतरी संभव है.
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अखिलेश शाह के अनुसार गेहूं की फसल के पहले 25 दिन सबसे संवेदनशील होते हैं. इसी समय फसल की जड़ें मजबूत होती हैं और पौधे तेजी से बढ़ते हैं. अगर इस अवधि में सही देखभाल नहीं की गई तो आगे चलकर फसल कमजोर रह जाती है और उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है.
खरपतवार: उत्पादन का सबसे बड़ा दुश्मन
गेहूं की खेती में खरपतवार एक गंभीर समस्या है. ये खरपतवार फसल के साथ पानी, पोषक तत्व और धूप के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं. अगर शुरुआती दौर में खरपतवार पर नियंत्रण नहीं किया गया तो पैदावार में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है, जो किसानों के लिए बड़ा नुकसान है.
प्री-इमरजेंसी दवा का महत्व
डॉ० अखिलेश शाह ने बताया कि खरपतवार नियंत्रण के लिए प्री-इमरजेंसी दवा का प्रयोग बेहद जरूरी है. बुवाई के तुरंत बाद दी जाने वाली यह दवा खरपतवार के अंकुरण को रोकती है और गेहूं की फसल को शुरुआती बढ़त देती है. सही समय और सही तरीके से दवा का छिड़काव करने से खेत लंबे समय तक साफ रहता है. अगर किसी कारणवश किसान बुवाई के बाद 25 दिनों तक प्री-इमरजेंसी दवा का प्रयोग नहीं कर पाए हैं, तो वे पोस्ट-इमरजेंसी दवा का सहारा ले सकते हैं. सल्फो सल्फ्यूरोन अलग-अलग कंपनियों द्वारा उपलब्ध है, जिसकी मात्रा बहुत कम होती है. इसका प्रयोग 40 ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से किया जा सकता है.
सिंचाई का सही समय भी है जरूरी
गेहूं की फसल में सिंचाई का सही समय उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है. बुवाई के 21 दिन बाद पहली सिंचाई जरूरी है. इसके बाद दूसरी सिंचाई 45 दिन, तीसरी 65 दिन, चौथी 90 दिन और पांचवीं सिंचाई 120 दिन पर करनी चाहिए. बुवाई के बाद शुरुआती 25 दिन फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं.
वैज्ञानिक सलाह से बढ़ेगी आमदनी
अगर किसान गेहूं की खेती में खरपतवार नियंत्रण, सही दवा और समय पर सिंचाई जैसी वैज्ञानिक बातों का ध्यान रखें, तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है. इससे न सिर्फ फसल की गुणवत्ता सुधरेगी बल्कि किसानों की आमदनी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी.
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