झारखंड के चाईबासा में एंबुलेंस न मिलने पर एक गरीब पिता अपने मासूम बेटे का शव थैले में भरकर घर ले गया. मात्र ₹100 होने के कारण वह निजी वाहन नहीं कर सका. इस हृदयविदारक घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
पिता के पास थे महज 100 रुपये
घटना नोवामुंडी प्रखंड के बड़ा बालजोड़ी गांव की है. ग्रामीण डिंबा चतोंबा का चार साल का बेटा दो दिन पहले अचानक बीमार पड़ा था. बेहतर इलाज की उम्मीद में परिजन उसे सदर अस्पताल चाईबासा लेकर आए थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और शुक्रवार को बच्चे ने दम तोड़ दिया. दुख की इस घड़ी में अस्पताल प्रबंधन ने सांत्वना देने के बजाय शव को तुरंत ले जाने का फरमान सुना दिया. गरीबी की मार झेल रहे डिंबा की जेब में उस वक्त महज 100 रुपये थे. निजी वाहन का खर्च उठाना उनके बस में नहीं था और अस्पताल के एंबुलेंस चालकों या प्रबंधन ने उनकी कोई सुध नहीं ली.
एंबुलेंस नहीं मिली तो खरीदा थैला
मजबूरी में पिता ने अस्पताल के बाहर से 20 रुपये में एक बड़ा प्लास्टिक थैला खरीदा, उसमें अपने बेटे के पार्थिव शरीर को लपेटा और बाकी बचे पैसों से बस का टिकट कटाकर चाईबासा से नोवामुंडी पहुंचे. इसके बाद वहां से शव को हाथ में लिए वे कई किलोमीटर पैदल चलकर अपने गांव पहुंचे. यह हृदयविदारक दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं. यह घटना न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे एक गरीब को गरिमापूर्ण अंतिम विदाई के अधिकार से भी वंचित कर दिया गया. अब इस मामले ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मामले पर स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?
हालांकि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मामले पर संज्ञान लिया है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि चाईबासा से जुड़ी एक घटना कुछ तथाकथित मीडिया माध्यमों में दिखाई गई है, जिसमें एक परिवार के बच्चों को झोले में ले जाने का दृश्य दिखाया गया. यह मामला मेरे संज्ञान में आते ही मैंने तत्काल संज्ञान लिया है. संबंधित प्राधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा सिविल सर्जन से इस पूरे मामले पर विस्तृत और तथ्यात्मक जवाब तलब किया गया है.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
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