मिली जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के तहत टर्मिनल भवन, एटीसी टावर और फायर स्टेशन सहित आधुनिक सुविधाओं से लैस अन्य कई सेक्टर का भी निर्माण कराया जाएगा. टेंडर के जारी किए जाने के बाद स्थानीय लोगों में अब खुशी की लहर है.
पूरा हुआ स्थल निरीक्षण का कार्य
बताते चलें कि हाल ही में बगहा 02 प्रखंड के अंचलाधिकारी मोहम्मद वसीम अकरम ने अपनी टीम के साथ वाल्मीकिनगर हवाई अड्डे के जगह का निरीक्षण का कार्य पूरा किया था. इस दौरान हवाई अड्डे के आसपास की भूमि की स्थिति और प्रकृति का भी जायजा लिया गया. इतना ही नहीं, हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए आसपास की जमीन की उपलब्धता की भी जांच की गई है.
बकौल अंचलाधिकारी, अगर एयरपोर्ट के आसपास सरकारी भूमि उपलब्ध रहती है तो उसे संबंधित विभाग को दिया जाएगा, लेकिन सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में आवश्यकता अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
पर्यटकों की संख्या में होगा इजाफा
वाल्मीकिनगर को पश्चिम चम्पारण जिले का पर्यटन केंद्र कहा जाता है. यह वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व की सबसे प्रसिद्ध रेंज है, जिसकी सीमा नेपाल के चितवन राष्ट्रीय निकुंज से लगती है. इतना ही नहीं, वाल्मीकि नगर की सीमा पर नेपाल के कुछ बेहद खूबसूरत और बेमिसाल पर्यटन स्थल भी स्थित हैं.
टाइगर रिज़र्व में वाइल्ड लाइफ के बीच सफारी हो या प्रकृति की गोद में बसे पर्यटन स्थलों का दीदार, हर वर्ष यहां दुनिया के कई देशों से लाखों पर्यटक खिंचे चले आते हैं. विशेषज्ञों का अनुमान है कि एयरपोर्ट के निर्माण के बाद जब बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी, तो इन पर्यटकों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी देखी जा सकती है.
बढ़ाई जाएगी रनवे की लंबाई
वर्तमान में वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट का रनवे लगभग 1100 मीटर लंबा है, जिसे और बढ़ाए जाने की संभावना है, ताकि यहां से घरेलू सहित बड़े विमानों को भी उड़ान भरने की सुविधा मिल सके. इतना ही नहीं, एयरपोर्ट के समीप स्थित एसएसबी कैंप को भी स्थानांतरित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है, जिसके लिए उपयुक्त जमीन की तलाश जारी है.
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