चुनाव आयोग 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले राज्यव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा होने के बाद मंगलवार (16 दिसंबर) को पश्चिम बंगाल के लिए मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित करेगा। अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि वे आखिरी मिनट की तैयारियों को पूरा करने में तेजी से लगे हुए हैं और यह काम तय समय सीमा के अंदर पूरा हो जाएगा।
आयोग के सूत्रों के मुताबिक, मतदाता सूची का मसौदा पहले ही बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) एप पर अपलोड किया जा चुका है,ताकि फील्ड अधिकारी बूथवार डाटा देख सकें।इसके साथ ही राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय (सीईओ) ने जिला-स्तरीय वेबसाइटें भी सक्रिय कर दी हैं, ताकि मतदाता मंगलवार से ऑनलाइन अपने विवरण जांच सकें। यही नहीं, मतदाता ब्लॉक विकास कार्यालय में अपने नाम की जांच कर सकते हैं, अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं या ऑनलाइन जानकारी ले सकते हैं।
मतदाता अपनी जानकारी ceowestbengal.wb.gov.in/SIR, voters.eci.gov.in या ECINET मोबाइल एप पर भी जांच सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मतदाता मसौदा सूची में सब कुछ है, जैसे कि फॉर्म से भरी गई जानकारी, मरे हुए लोगों के नाम, गायब मतदाता और एक जैसे नाम। अगर इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो चुनाव आयोग के अधिकारी उसकी जांच और सुनवाई करेंगे।
अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को जारी होने की संभावना
मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित होते ही गणना चरण खत्म हो जाएगा और दावे, आपत्तियां व सुनवाई का अधिक संवेदनशील चरण शुरू होगा। यह चरण फरवरी 2026 तक चलेगा। जिन मतदाताओं के विवरण में गड़बड़ी पाई गई है, उन्हें सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को जारी होने की संभावना है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार 59 लाख नाम मसौदा सूची से हटाने के लिए चिन्हित किए गए हैं। इसके साथ ही चुनाव अधिकारियों ने साफ किया कि मसौदा सूची में नाम होना अंतिम सूची में शामिल होने की गारंटी नहीं है।
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नो-मैपिंग श्रेणी के मतदाताओं की सुनवाई 17 दिसंबर से होगी
राज्य में एसआई प्रक्रिया चार नवंबर को शुरू हुई थी। 27 अक्टूबर को कार्यक्रम घोषित होने के समय राज्य में 7,66,37,529 मतदाता पंजीकृत थे। आयोग के आंकड़ों के मुताबिक बड़ी संख्या में मतदाताओं को चिन्हित किया गया है। 30 लाख से अधिक मतदाता नो-मैपिंग श्रेणी में हैं, क्योंकि उनके नाम 2002 की मतदाता सूची से नहीं जुड़ पाए। इन मामलों की सुनवाई बुधवार से शुरू होगी। इसके अलावा, करीब 1.7 करोड़ मतदाता अलग-अलग स्तर की जांच के दायरे में हैं। इनका विवरण मतदाता मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद बीएलओ फिर से घर-घर जाकर सत्यापित करेंगे।
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