छत्तीसगढ़ में इस समय मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन वातावरण में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव प्रदेश तक पहुंच सकता है। यह सिस्टम समुद्र तल से करीब 3.1 किलोमीटर ऊपर ऊपरी हवा के चक्रवात के रूप में सक्रिय है, जिसके साथ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में द्रोणिका भी जुड़ी हुई है। इसी वजह से आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज में हल्की तब्दीली देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के एक-दो इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर घना कोहरा छाने की चेतावनी भी दी गई है, जिससे सुबह और देर रात दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
राजधानी रायपुर में शुक्रवार को तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से ऊपर दर्ज हुआ। दिनभर धूप खिली रही, जबकि सुबह-शाम ठंड का हल्का असर महसूस किया गया। बादलों की मौजूदगी सीमित रही और बारिश नहीं हुई। शनिवार को रायपुर में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है, वहीं तापमान लगभग 28 डिग्री अधिकतम और 14 डिग्री न्यूनतम के आसपास रह सकता है।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग नजर आया। जगदलपुर शुक्रवार को सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दुर्ग में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे 9.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। बिलासपुर, पेंड्रारोड और राजनांदगांव में भी रात के तापमान में गिरावट देखी गई।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे के बाद ठंड का असर और तेज हो सकता है। आगामी तीन दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है, जिससे सुबह और रात की ठंड में बढ़ोतरी होगी।
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