ग्रामवासियों, जन शिक्षक, रोजगार सहायक, रसोईया और सरपंच ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और घटना को दर्ज किया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि पढ़ाई की हालत वैसे ही कमजोर है। ऊपर से शिक्षक का यह व्यवहार बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
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ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मानपुर पी वी प्रजापति ने बताया कि मामला उनके पास आधिकारिक रूप से नहीं पहुंचा है। इससे पहले भी चंद्रभान कोल को इसी तरह की हरकत पर निलंबित किया जा चुका है। बहाली के बाद उन्हें करौंदी टोला स्कूल में पदस्थ किया गया था, लेकिन अब फिर वही हाल दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से आने वाले आदेश के बाद ही होगी।
इस घटना ने जिले की शिक्षा व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण अब कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और बच्चों को सुरक्षित और गंभीर शिक्षण वातावरण मिल सके।
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