निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों का होता शोषण
सपा विधायक आरके वर्मा ने निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों के शोषण पर सवाल खड़े किए। मनमानी शुल्क वसूली जाती है। आरटीई के तहत 25 फीसदी तक गरीब के बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ाई कर सकते हैं। लेकिन, सरकार इसका अनुपालन कराने में असफल है। ये सरकार गरीब विरोधी है। सरकारी स्कूलों की तरह निजी स्कूलों में भी पुस्तकें निर्धारित की जाएं। ताकि, मनमानी वसूली से अभिभावक बच सकें।
समाप्त नहीं किए गए शिक्षकों के स्वीकृत पद- मंत्री
माध्यमिक स्कूलों में शिक्षा और शिक्षकों की भर्ती के सवालों का मंत्री संदीप सिंह ने जवाब दिया। कहा कि शिक्षकों के स्वीकृत पदों को समाप्त करने का अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। शिक्षक और बच्चों के अनुपात को मेनटेम रखने का पूरा प्रयास रहता है।
शिक्षकों के 1.5 लाख पद खाली, छह साल से नहीं हुई भर्ती-सपा
सपा विधायक सचिन यादव ने कहा कि आज स्कूलों में 1.5 लाख शिक्षकों के पद खाली हैं। आज का शिक्षक चुनाव ड्यूटी करता है, आज एसआईआर करा रहे हैं, मिडडे मिल चलाता है, यही नहीं हर मुसीबत में शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी जाती है। हर साल 12 हजार शिक्षक रिटायर हो रहे हैं। लेकिन, छह वर्ष से कोई भर्ती नहीं की गई। आरक्षण देना न पड़े, इसलिए भर्ती नहीं की जा रही है।
कोई स्कूल बंद नहीं किया गया- मंत्री संदीप सिंह
विपक्ष के सवालों के जवाब में मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि कोई स्कूल बंद नहीं किया गया है। सिर्फ एक किमी के दायरे के स्कूलों को जहां 50 से कम बच्चे थे, उन्हें मर्ज किया गया है। इससे स्कूलों में बच्चे बढ़े और शिक्षकों की भी संख्या बढ़ी। जो स्कूल खाली हुए थे, उनमें बाल वाटिका चलाई जा रही है, ना कि उन्हें बंद किया गया है। हमने शिक्षकों के तबादले की आनलाइन व्यवस्था की। इससे पारदर्शी तरीके से शिक्षकों का तबादला किया गया। कोई भी शिक्षक आनलाइन आवेदन करके म्युचुअल तबादला भी ले सकेगा। शिक्षकों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए कैशलेश इलाज की सुविधा की घोषणा की गई है।
शिक्षकों को डाटा एंट्री आपरेटर बना दिया गया
ब्रजेश कटारिया ने कहा कि आज गरीब आदमी अपने बच्चों को निजी स्कूल में भेजने के लिए मजबूर हैं। क्योंकि, शिक्षकों को डाटा एंट्री आपरेटर बना दिया गया है। जब शिक्षकों का फोकस दस्तावेजों पर होगा तो पढ़ाई कैसे होगी।
विपक्ष ने स्कूलों के मर्जर पर पूछे सवाल
विधायक डॉ रागिनी ने स्कूलों के मर्जर को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि बच्चों की कमी से स्कूल बंद किए गए। तो सवाल यह है कि आठ वर्षों में सरकार ने बच्चे बढ़ाने के लिए क्या योजना बनाई? स्कूलों में दो लाख शिक्षकों की कमी है। शिक्षामित्रों का समायोजन करने या मानदेय बढ़ाने पर सरकार कब कदम उठाएगी।
शिक्षकों को बीएलओ बना दिया, वो गणना कर रहे हैं। सामूहिक विवाह में टीचर दुल्हन को ब्यूटी पार्लर लेकर जा रहे हैं। अलीगढ़ में शिक्षकों को कुत्ता गिनने में लगा दिया।
आपरेशन कायाकल्प से परिषदीय स्कूलों की तस्वीर बदली
इसके जवाब में मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के तहत पहले अंग्रेजी भाषा के तहत पठन-पाठन का कार्य किया गया था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद, मातृभाषा और स्थानीय भाषा और राष्ठ्र भाषा के आधार पर पढ़ाई कराई जा रही है। अग्रेजी को भी एक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है। आपरेशन कायाकल्प के तहत हमने परिषदीय स्कूलों की तस्वीर बदली। आज 65 फीसदी स्कूल फर्नीचर से युक्त हैं।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल
इसके बाद विपक्ष ने परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। अंग्रेजी न पढ़ाए जाने को लेकर सवाल पूछे।
मनरेगा में काम करने के सात दिन में ही मिलेगा भुगतान
इसे जवाब में मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि पहले यह नरेगा था। चुनाव के समय इस पर महात्मा गांधी जोड़ा गया था। हमारी सरकार ने 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन रोजगार की गारंटी हो गई है। इसे विकसित भारत से जोड़ा जाएगा। फसल कटाई के दौरान 60 दिन मनरेगा का काम रोक दिया जाएगा। काम करने के सात दिन में ही भुगतान दिया जाएगा।
मजदूरों के भुगतान पर भी आएगी समस्या- सपा
सपा विधायक अनिल प्रधान ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने को लेकर सरकार को घेरा। कहा कि नई गाइडलाइन के तहत राज्यों पर ज्यादा भार आएगा। इससे मजदूरों के भुगतान पर भी समस्या आएगी। क्या सरकार काम करने के अगले महीने ही मजदूरों के भुगतान की व्यवस्था करेगी।
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