अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि इजरायल, इराक, कुवैत और बहरीन ने नागरिक उड़ानों पर रोक लगा दी है, जबकि यूएई और कतर में आंशिक या अस्थायी बंदी लागू है। इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश के 20 हजार से अधिक यात्रियों और दर्जनों ट्रैवल कंपनियों पर पड़ा है। उत्तर प्रदेश की ट्रैवल इंडस्ट्री पर फिलहाल करीब 305 करोड़ रुपये का सीधा आर्थिक असर आंका जा रहा है।
एफटीएल हॉलीडेज के सनी जैन के मुताबिक अकेले मार्च में पूरे यूपी से छुट्टियों के सीजन के लिए 13 हजार से ज्यादा पैकेज बुक थे। दुबई, अबू धाबी, दोहा, कुवैत सिटी और मनामा जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए फ्लाइट्स कैंसिल होते ही अधिकांश पैकेज निरस्त हो गए। यदि प्रति यात्री औसत खर्च 2 लाख रुपये माना जाए, तो 13,000 पैकेज रद्द होने से कुल संभावित कारोबार लगभग 260 करोड़ रुपये का ठप हो गया है। ट्रैवल ऑपरेटरों का कहना है कि इसमें होटल बुकिंग, लोकल ट्रांसफर और वीजा शुल्क का बड़ा हिस्सा फंसा हुआ है।
ट्रिपल प्लस टूर्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के नार्थ इंडिया हेड राजूराज ने बताया कि ईद की छुट्टियों में यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन से भारी संख्या में प्रवासी उत्तर प्रदेश लौटने वाले थे। अनुमान है कि करीब 7 हजार यात्रियों की वापसी टिकटें बुक थीं। लेकिन एयरस्पेस बंद होने और उड़ानें रद्द होने से उनकी यात्रा भी अधर में लटक गई है। यदि प्रति यात्री औसत यात्रा खर्च 50 हजार रुपये माना जाए, तो यात्रियों की यात्रा अटकने से लगभग 35 करोड़ रुपये का सीधा आर्थिक प्रभाव पड़ा है।
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