हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में सवर्ण समाज ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ऊना जिला मुख्यालय पर सवर्ण समाज के लोगों ने एक आक्रोश रैली निकाली, जिसकी अगुवाई प्रमुख प्रतिनिधि पवन ठाकुर ने की। रैली में शामिल लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने डीसी ऊना के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्र सरकार से इन नियमों को वापस लेने की मांग की गई है, जिन्हें “काला कानून” बताया गया है। पवन ठाकुर ने कहा कि उन्होंने जिला ऊना में यूजीसी के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा दिया है और इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सवर्ण समाज के लिए कोई कुर्बानी देनी पड़ी तो वह सबसे पहले उनकी होगी। उन्होंने अपने बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ न होने देने और समाज को जीवित रखने की बात कही। उग्र आंदोलन की चेतावनी ठाकुर ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि सवर्ण समाज की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो एक उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राजनीतिक लाभ के लिए सवर्ण और एससी समाज को लड़ाने की कोशिश कर रही है, जिसे सवर्ण समाज सफल नहीं होने देगा। ब्राह्मण सभा ऊना के जिलाध्यक्ष चंद्रमौली शर्मा ने भी यूजीसी कानून को रद्द करने की मांग की और सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पर लगाई गई रोक का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नए नियम समाज में असमानता और भ्रम पैदा कर रहे हैं, जिससे बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। देखें फोटो…
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