शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर अपने ‘भ्रष्ट’ मंत्रिमंडल सहयोगियों को बचाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेताओं की नियुक्ति में देरी पर सवाल उठाया।
उद्धव ठाकरे ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर फडणवीस पर निशाना साधा और उन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री पिछले कुछ वर्षों में ‘बदल गए’ हैं। नागपुर के पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि किसी न किसी मंत्री का भ्रष्टाचार हर रोज उजागर हो रहा है।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक ठाकरे ने कहा, ‘उनके नेताओं के नोटों के बंडलों के साथ वीडियो सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मेरा सुझाव है कि मुख्यमंत्री को एक ‘सुरक्षात्मक पोर्टफोलियो’ शुरू करना चाहिए और उसका प्रभार संभालना चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे मुख्यमंत्री पर तरस आता है। आप (पहले) क्या थे और अब क्या बन गए हैं।’ शिवसेना (यूबीटी) के नेता अंबदास दानवे ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए, जिनमें कथित तौर पर शिंदे गुट की शिवसेना के एक विधायक को नकदी के बंडलों के बीच बैठे एक अन्य शख्स के साथ वीडियो कॉल पर बात करते हुए दिखाया गया है।
या सरकारकडे फक्त शेतकरी कर्जमाफीला पैसा नाही.. बाकी सगळं ओक्के आहे!
जनतेला जरा सांगा मुख्यमंत्री फडणवीस आणि शिंदे जी, हे आमदार कोण आहेत आणि पैशांच्या गड्ड्यांसह काय करत आहेत?@mieknathshinde @Dev_Fadnavis @AmitShah @BJP4Maharashtra #Moneypower #ruins #Maharashtra pic.twitter.com/WUDpmedTgo
— Ambadas Danve (@iambadasdanve) December 9, 2025
दानवे ने दावा किया कि नकदी सत्ताधारी दलों के विधायकों की थी, जबकि शिवसेना मंत्री संजय शिरसाट ने वीडियो को मॉर्फ्ड और एआई-जनरेटेड बताकर खारिज कर दिया। एक दिन बाद किसान और मजदूर पार्टी की नेता चित्रलेखा पाटिल ने भी शिवसेना के एक मंत्री के बारे में इसी तरह का नकदी से जुड़ा दावा किया।
वहीं, ठाकरे ने सवाल उठाया कि विधानसभा और विधानपरिषद दोनों में विपक्ष के नेताओं (एलओपी) की नियुक्ति में देरी क्यों हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ महीने पहले, शिवसेना (यूबीटी) ने विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद के लिए पार्टी विधायक भास्कर जाधव का नाम आगे बढ़ाया था, लेकिन इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने पूछा, ‘अगर भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार दो उपमुख्यमंत्री नियुक्त कर सकती है, तो वह विधानसभा और विधानपरिषद में विपक्ष के नेताओं की नियुक्ति क्यों नहीं कर रही है?’
//platform.twitter.com/widgets.js
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.