जिले के बिलपांक थाना क्षेत्र के ग्राम नयाखेड़ा में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में नियमित टीके लगाने के बाद दो बच्चों की तबीयत बिगड़ने व उनमें से एक बालक की मौत होने का मामला सामने आया है। दूसरे बालक का जिला अस्पताल की मदर एंड केयर यूनिट के आईसीयू में इलाज चल रहा है। बच्चों की तबीयत बिगड़ने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस व प्रशासन मामले की जांच कर रहे है।
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर धराड़ स्वास्थ्य केंद्र के ग्राम नयाखेड़ा में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर मंगलवार 24 फरवरी 2026 को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत चार बच्चों को टीके लगाए गए थे। इनमें से टीकाकरण के कुछ समय बाद धमेंद्र मालवीय के दस माह के बेटे प्रियांशु और देवीलाल मालवीय के डेढ़ वर्ष के बेटे नित्यांश की तबीयत बिगड़ गई।
पहले प्रियांशु को उसके परिजन धराड़ स्थित स्वास्थ्य केंद्र ले गए, वहां से उसे एमसीएच रैफर किया गया। परिजन उसे लेकर एमसीएच पहुंचे लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर ने परीक्षण कर उसे मृत घोषित किया। इसके बाद उसका शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन सौंप दिया। ग्रामीण बच्चों की तबीयत टीकाकरण के बाद बिगड़ना बता रहे है लेकिन बच्चों की तबीयत क्यों बिगड़ी, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। जांच के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
चार बच्चों को लगाए थे टीके
आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण के तहत चार बच्चों को टीके लगाए गए थे। इनमें से धर्मेंद्र मालवीय के 10 माह के बेटे प्रियांशु को भी दोपहर करीब 1.30 बजे टीके लगाए गए थे। करीब डेढ़ घंटे बाद उसे उल्टी-दस्त होने लगे। परिजन उसे धराड़ के स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उसे एमसीएच रैफर किया, जहां डॉक्टर ने परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया। धर्मेंद्र के बड़े भाई बलराम का आरोप है कि टीके लगाने के बाद प्रियांशु की तबीयत बिगड़ी। बिलपांक थाने पर उसकी मौत के मामले की शिकायत की गई है।
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उधर टीका लगाने के कुछ समय बाद ग्राम नयाखेड़ा के ही देवीलाल मालवीय के डेढ़ वर्षीय पुत्र नित्यांश की भी तबीयत बिगड़ी और उसे शाम करीब चार बजे उल्टी होने लगी। परिजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए, वहां से उसे एमसीएच भेजा गया, जहां उसे आईसीयू में भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा है। वहीं जिन दो और बच्चों को टीके लगाए गए थे, वे स्वस्थ हैं।
मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए देवीलाल मालवीय ने बताया कि उनके बेटे नित्यांश को आंगनबाड़ी में टीका लगवाया गया था। टीका लगाने के कुछ समय बाद उसे बुखार आया और तीन-चार बार उल्टी हुई। उनके परिवार के ही भाई के बेटे को भी टीका लगा था, उसका मौत हो गई है। मेरा बेटा अभी ठीक है।
एमसीएच की डॉ. वल्लरी चांदुरे ने बताया कि कल दो बच्चे आए थे, उनका टीकाकरण हुआ था। दोनों में से एक बच्चा (प्रियांशु) बगैर धड़कन के आया था, उसके इलाज की कोशिश की लेकिन वह शांत हो चुका था। दूसरे बच्चे नित्यांश का इलाज चल रहा है, उसे तीन से चार बार उल्टी हुई है। उसकी हालत में काफी सुधार है। उसे पहले से सर्दी-खांसी थी, उसकी वजह से बुखार हुआ होगा। नार्मल टीकाकरण के बाद बच्चों को बुखार आता है, उसकी वजह से भी बुखार हो सकता है। बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान के अनुसार प्रियांशु के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की पैनल से कराया गया है, जांच की जा रही है।
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