केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में तीन मल्टी-ट्रैक रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। करीब 9,072 करोड़ रुपए की इन योजनाओं में मप्र के लिए सबसे अहम 231 किमी लंबी गोंदिया–जबलपुर दोहरीकरण परियोजना है, जिसकी लागत लगभग 5,236 करोड़ रुपए है और इसे पांच साल में पूरा किया जाएगा। इससे इस रूट की लाइन क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी। मप्र में जबलपुर और बालाघाट क्षेत्र को सीधा फायदा होगा। रेल मंत्रालय के अनुसार, क्षमता बढ़ने से भीड़भाड़ घटेगी और संचालन दक्षता सुधरेगी। अतिरिक्त क्षमता से सालाना 52 मिलियन टन माल ढुलाई बढ़ने का अनुमान है। पेंच और कान्हा तक पहुंच आसान होगी, तेज लॉजिस्टिक मध्यप्रदेश में इस परियाेजना से कचनार शिव मंदिर, धुआंधार जलप्रपात, बरगी बांध, कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान जैसे पर्यटन स्थलों तक रेल पहुंच बेहतर होगी। बालाघाट क्षेत्र खनिज संपदा (मैंगनीज आदि) के लिए जाना जाता है, माल ढुलाई आसान होगी। जबलपुर संभाग के उद्योगों को सस्ती और तेज लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी। पड़ोसी राज्यों (महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ बेल्ट) से कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
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