Tomato farming : धान की पारंपरिक खेती छोड़कर उद्यानिकी फसलों को अपनाने से राजनांदगांव जिले के किसान बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं. छुरिया विकासखंड के ग्राम लाममेटा के किसान त्रवेंद्र साहू ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के सहयोग से टमाटर की खेती की. मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों से उत्पादन बढ़ा और बाजार में सीधी बिक्री कर उन्होंने लाखों रुपये का मुनाफा कमाया.
किसान त्रवेंद्र साहू ने धान की फसल के स्थान पर 1.5 एकड़ क्षेत्र में टमाटर की खेती शुरू की. उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से उन्होंने मल्चिंग पद्धति अपनाई, जिससे खेत में नमी बनी रही और खरपतवार की समस्या कम हुई. फसल की बढ़वार बेहतर रही और शुरुआती दौर से ही अच्छे परिणाम मिलने लगे.

शासन की राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत किसान को लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये का अनुदान मिला. इस राशि से ड्रिप सिंचाई, उन्नत किस्म के टमाटर पौधे, खाद और कीटनाशकों की व्यवस्था की गई. शासकीय सहायता ने खेती की लागत घटाई और तकनीक अपनाने में बड़ी मदद की.

आधुनिक तकनीक के उपयोग से टमाटर की फसल स्वस्थ रही और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई. ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत हुई, वहीं मल्चिंग से तापमान और नमी का संतुलन बना रहा. इसी कारण फसल की गुणवत्ता बेहतर रही और बाजार में अच्छी कीमत मिली.
Add News18 as
Preferred Source on Google

अब तक करीब 10 लाख रुपये के टमाटर की बिक्री से किसान को लगभग 7 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है. मार्च तक तुड़ाई जारी रहने की संभावना है. सरकारी योजनाओं और आधुनिक खेती से मिली इस सफलता ने त्रवेंद्र साहू को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है और वे क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं.

सबसे अहम बात यह रही कि उन्होंने अपनी उपज की सीधी बिक्स्थानीय बाजारों में की, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता खत्म हुई और किसानों को उचित मूल्य मिला. टमाटर की अच्छी पैदावार और सही मार्केटिंग के चलते त्रवेंद्र साहू ने लाखों रुपये की आय अर्जित की.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.