पशु क्रूरता निवारण समिति फतेहाबाद के सदस्य नवजोत सिंह ढिल्लों द्वारा रेस्क्यू किया गया कोबरा।
टोहाना के राजकीय प्राइमरी स्कूल बलियावाला में एक कोबरा दिखाई देने से हड़कंप मच गया। स्कूल अध्यापकों ने तुरंत बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
उन्होंने तत्काल पशु क्रूरता निवारण समिति फतेहाबाद के सदस्य नवजोत सिंह ढिल्लों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही ढिल्लों बिना देरी किए मौके पर पहुंचे और पूरी सावधानी के साथ कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के दौरान नवजोत सिंह ढिल्लों ने बताया कि कोबरा का जहर न्यूरो टॉक्सिन होता है, जिसका असर 15 मिनट के भीतर शरीर पर शुरू हो सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सांप काटने की स्थिति में तांत्रिक, झाड़-फूंक या किसी भी तरह के देसी इलाज का कोई प्रभाव नहीं होता। सांप काटने का एकमात्र सही और सुरक्षित इलाज अस्पताल में ही उपलब्ध है।
जंगल में छोड़ा गया पकड़ा गया कोबरा
रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया गया। इससे सांप की जान बचने के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई।
नवजोत सिंह ढिल्लों ने स्कूल के प्रिंसिपल और सभी अध्यापकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय रहते सही निर्णय लेना और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना सराहनीय है। उन्होंने समाज को अंधविश्वास छोड़कर जागरूक बनने और आपात स्थिति में सीधे अस्पताल जाने का संदेश भी दिया।
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