भास्कर न्यूज | जांजगीर शहरी क्षेत्रों में हर वर्ष भू‑जल स्तर में लगातार गिरावट और पेयजल संकट देखने को मिल रहा है। गिरते भू‑जल स्तर को नियंत्रित करने और भविष्य के लिए जल संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने वॉटर लेवल सुधारने के लिए बड़ा प्लान तैयार किया है। नगर निकायों में संपवेल (जल संग्रहण केंद्र) का निर्माण किया जाएगा। पहले बलौद नगर पंचायत के वार्ड नंबर 10 में संपवेल निर्माण की मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए लगभग 6 लाख 23 हजार रुपए खर्च होंगे। संपवेल एक प्रकार का जल संग्रहण केंद्र होता है, जिसका उपयोग पानी को इकट्ठा करने और बाद में सप्लाई करने के लिए किया जाता है। जमीन के अंदर बनाया गया कंक्रीट का बड़ा टैंक या कुएं जैसा ढांचा तैयार होगा। इसमें नदी, नलकूप, बोरवेल या पाइपलाइन से आने वाला पानी जमा किया जाएगा, और फिर मोटर पंप की मदद से शहर या कॉलोनियों तक पहुंचाया जाएगा। बलौदा नगर गर्मी के दिन में पानी की समस्या रहती है। वार्ड में पानी सप्लाई के लिए दो बोर का इंतजाम हैं। लेकिन 60 फिट तक पानी रहता है। वार्ड-10 और वार्ड-11 में भी गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत रहती है। प्रस्ताव मंगाए गए: मार्च महीने तक वार्डों में जलस्तर 5 से 10 मीटर तक गिर जाता है, जिससे बोरवेल समय से पहले सूख जाते हैं। बरसात से पहले यूनिट तैयार करने नगर पालिकाओं को प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया है। जांजगीर, अकलतरा और चांपा में बनेगा इंजेक्शन वेल 14 नगर निगम और 56 नगर पालिकाओं में वी वायर टेक्नालॉजी से 302 इंजेक्शन वेल बनाए जाएंगे। इनको बनाने में 18.78 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के तहत प्रदेश के नगरीय निकायों में यह इनोवेटिव इंजेक्शन वेल स्थापित किए जाएंगे। नगरीय प्रशासन व विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के बाद संचालनालय द्वारा तकनीकी स्वीकृति जारी की जा चुकी है। अकलतरा और चांपा नगर पालिका क्षेत्रों में तीन स्थानों पर 6.22 लाख रुपए से वी वायर टेक्नालॉजी से इंजेक्शन वेल बनाया जाएगा।
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