सही गमले का करें चुनाव
गार्डन एक्सपर्ट प्रभास बताते हैं, ‘छोटे पौधों के लिए प्लास्टिक, मिट्टी या सिरेमिक के गमले उपयुक्त होते हैं. बड़े पौधों के लिए ड्रम, टब, ग्रो बैग, लकड़ी के बॉक्स या पुराने प्लास्टिक के डिब्बों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
वर्टिकल गार्डन है अच्छा विकल्प
अगर आपके पास जगह की कमी है, तो आप वर्टिकल गार्डनिंग कर सकते हैं. इसके लिए दीवारों पर लटकने वाले गमले, टायर, पाइप या पुराने प्लास्टिक के बोतलों का उपयोग कर सकते हैं. इससे जगह की बचत होगी और आपके बालकनी या छत पर सुंदरता भी बनी रहेगी. वर्टिकल गार्डन के लिए दीवारों पर लटकने वाले गमले या पुराने बोतलों का उपयोग करें.
इसके लिए मिट्टी उपजाऊ होनी चाहिए. इसके लिए गोबर की खाद, जैविक खाद (केंचुआ खाद) या कोकोपीट मिलाकर मिट्टी तैयार करें. अच्छी जल निकासी के लिए गमले के नीचे छेद जरूर करें. हर 15-20 दिन में जैविक खाद डालें. ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे. छोटे गमलों में उगाने के लिए कुछ सब्जियां और जड़ी-बूटियां बेहद अनुकूल होती हैं.
इन सब्जियों से करें शुरुआत
दरअसल, कुछ सब्जी ऐसी होती हैं, जो किचन गार्डन में बहुत जल्दी और बढ़िया से उग जाती हैं. एक हफ्ते में ही आपको फल पत्तियां दिखना शुरू हो जाएंगी, जिनमें खासतौर पर पत्तेदार सब्जियां धनिया, पालक, मेथी, पुदीना, सलाद पत्ता मसाले मिर्च, अदरक, हल्दी, तुलसी. फलदार सब्जियां, टमाटर, बैंगन, शिमला मिर्च, करेला, लताओं वाली सब्जियां लौकी, तोरई, खीरा. इन सब चीजों से पहले शुरुआत करें.
किचन का वेस्ट भी डालते रहें
उन्होंने आगे बताया कि किचन से जो भी वेस्ट निकलता है. मान लीजिए चावल का जो माड होता है. उसको डाल दीजिए. बचा हुआ चावल डाल दीजिए. जितना छिलका है. वह डाल दीजिए. किचन के वेस्ट को बिल्कुल भी डस्टबिन में जाने मत दीजिए. यह सब इसी में डालिए. यह प्राकृतिक काम करेगा और इसके अलावा हर गमले में थोड़ा धनिया पत्ता और थोड़ा लहसुन डाल दीजिए. इससे कीड़ा नहीं लगेगा. यह प्राकृतिक कीटनाशक का काम करता है और थोड़ा-थोड़ा नीम का तेल भी डाल दीजिए. बस आप इतना ही कर लीजिए. फिर देखिए, आपको हर दिन कितना बढ़िया सब्जी देखने को मिलेगी.
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