Bastar News: इस फूल को बोलचाल की भाषा में चाइना पिंक फूल कहा जाता है. इसे गमले में लगाने के लिए आधा हिस्सा गोबर की खाद और आधा भाग भुरभुरी मिट्टी मिलानी चाहिए. गमले में करीब एक इंच जगह खाली छोड़नी चाहिए.
चाइना पिंक पौधे का फूल बेहद खूबसूरत दिखता है. इसे लगाने के लगभग एक महीने बाद ही इसमें फूल खिलने लगते हैं. इस फूल का उपयोग पूजा के साथ-साथ घर की साज-सजावट के लिए भी किया जाता है. यह पौधा फैलता है और एक पौधे में 10 से 20 तक फूल खिलते हैं. इस पौधे में बीमारियों का प्रकोप भी कम होता है. खास बात यह है कि इसमें किसी प्रकार की रासायनिक खाद डालने की जरूरत नहीं पड़ती है.
गमले में छोड़ें एक इंच जगह
चाइना पिंक का पौधा कैसे लगाया जा सकता है, इस संबंध में लोकल 18 ने बस्तर निवासी शिवकांत बाजपेयी से बातचीत की. शिवकांत ने बताया कि इस फूल को बोलचाल की भाषा में चाइना पिंक कहा जाता है. इसे गमले में लगाने के लिए आधा भाग गोबर की खाद और आधा भाग भुरभुरी मिट्टी मिलानी चाहिए. गमले में लगभग एक इंच जगह खाली छोड़नी चाहिए. इसमें रंग-बिरंगे फूल आते हैं. हमारे यहां यह दो-तीन रंगों में लगा हुआ है. हमारे यहां सुंदरी पिंक और डबल कलर के फूल भी हैं.
ज्यादा पानी पौधे के लिए नुकसानदायक
उन्होंने आगे बताया कि इसे लगाना बहुत आसान है. पौधे में हल्की सिंचाई करनी चाहिए. ज्यादा पानी पौधे के लिए नुकसानदायक होता है. अधिक पानी देने से पौधा खराब भी हो सकता है. पौधे लगाने के लगभग एक महीने बाद इसमें फूल आना शुरू हो जाता है. हमने भी इसका पौधा लगाया है और यह पौधा लगातार फैलता रहता है. इसमें लगभग रोज नया फूल खिलता है. यह फूल बारहमासी होता है. इसके अलावा इस पौधे में बीमारियों का प्रकोप भी बहुत कम दिखाई देता है. चाइना पिंक पौधे में किसी प्रकार की रासायनिक खाद का उपयोग नहीं किया गया है, फिर भी इसमें काफी फूल खिलते हैं.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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