क्या आप भी अपने बगीचे के लिए महंगे फर्टिलाइजर खरीदकर थक चुके हैं? अब कूड़ा समझकर फेंके जाने वाले सूखे पत्ते और रसोई की एक साधारण चीज मिलकर आपके पौधों की किस्मत बदल सकती है. इस जादुई और मुफ्त खाद को बनाने का तरीका जानकर आप दंग रह जाएंगे. प्रकृति के इस छिपे रहस्य को पहचानें और देखें गजब की हरियाली!
कई लोग गार्डेनिंग का शौक रखते है. जो कि अक्सर महंगे फर्टिलाइजर और बाजार की खाद पर काफी पैसा खर्च करते हैं. जबकि प्रकृति ने इसके लिए एक आसान और मुफ्त विकल्प पहले से ही दिया हुआ है. पतझड़ के मौसम में पेड़ों से गिरने वाले सूखे पत्ते बगीचे के लिए किसी खजाने से कम नहीं होते. इन्हीं पत्तों से घर पर बेहतरीन जैविक खाद तैयार की जा सकती है, जिसे बागवानी की दुनिया में ‘काला सोना’ कहा जाता है.

एक्सपर्ट डॉ. डी एस श्रीवास्तव ने लोकल18 को बताया कि अक्सर लोग आंगन या बगीचे में गिरे सूखे पत्तों को कचरा समझकर जला देते हैं या फेंक देते हैं. लेकिन यही पत्ते पौधों की सेहत के लिए सबसे उपयोगी खाद बन सकते हैं. थोड़ी मेहनत और धैर्य से इन्हें पौधों के लिए पोषक तत्वों से भरपूर खाद में बदला जा सकता है.

आगे कहा कि जैविक खाद को बनाने के लिए किसी महंगे सामान की जरूरत नहीं होती. इसके लिए सूखे पत्तों के साथ गुड़ और छाछ या लस्सी जैसी घरेलू चीजें ही काफी होती हैं. इन साधारण चीजों की मदद से तैयार की गई खाद पौधों की ग्रोथ को तेज करने में काफी मददगार साबित होती है.
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उन्होंने कहा कि खाद बनाने की शुरुआत सूखे पत्तों को इकट्ठा करने से होती है. अपने गार्डन या आसपास गिरे पत्तों को एक जगह जमा करें. ध्यान रखें कि इनमें प्लास्टिक, कांच, पत्थर या कोई अन्य कचरा न मिला हो. केवल प्राकृतिक सूखे पत्ते ही अच्छी गुणवत्ता वाली खाद का आधार बनते हैं.

आगे कहा कि पत्तों को इकट्ठा करने के बाद उन्हें किसी बड़े प्लास्टिक कंटेनर या जूट की बोरी में भरें. कंटेनर हवादार होना चाहिए ताकि हवा का प्रवाह बना रहे. अगर प्लास्टिक का डिब्बा इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसमें छोटे-छोटे छेद जरूर कर दें. इसके बाद पत्तों पर पानी डालकर उन्हें हल्का दबा दें ताकि नमी बनी रहे.

शुरुआत के दो से तीन दिनों तक लगातार पत्तों को कंटेनर में डालते रहें और उन पर पानी डालकर दबाते रहें. इससे पत्तों के बीच की खाली जगह कम हो जाती है और सड़ने की प्रक्रिया तेज हो जाती है. कंटेनर को हमेशा छायादार जगह पर रखें, क्योंकि तेज धूप खाद बनने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती है.

लगभग एक महीने बाद पत्तों के ढेर में गुड़ का घोल डालें. इसके लिए थोड़ा सा गुड़ पानी में घोलकर पत्तों पर चारों तरफ छिड़क दें. गुड़ में मौजूद शर्करा सूक्ष्मजीवों के लिए भोजन का काम करती है, जिससे पत्तों का गलना तेज हो जाता है. इसके बाद पत्तों को एक बार अच्छी तरह मिला दें.

आगे कहा कि गुड़ डालने के करीब एक महीने बाद इसमें छाछ या पुरानी लस्सी मिलाएं. छाछ में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया खाद बनने की प्रक्रिया को पूरा करते हैं. अगर छाछ उपलब्ध न हो तो पुराने दही को पानी में फेंटकर या पनीर का बचा हुआ पानी भी इस्तेमाल किया जा सकता है. कुछ समय बाद यही मिश्रण पौधों के लिए पोषक तत्वों से भरपूर बेहतरीन जैविक खाद बन जाता है.
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