होली का त्योहार देशभर में खुशियों के साथ मनाया जाता है. इस दिन एक दूसरे को गुलाल लगाया जाता है, लेकिन कई लोगों की स्किन के लिए केमिकल युक्त रंग खतरनाक होते हैं. ऐसे में आप अगर घर पर ही नेचुरल कलर तैयार करना चाहते हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. 1 ही दिन में आप खुद का कलर तैयार कर सकते हैं. लोकल 18 से बात करते हुए देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक शालिनी जुगरान बताती हैं कि चुकंदर में मौजूद तत्व चेहरे को गुलाबी रंगत देते हैं. मार्केट में बिकने वाले रंगों में खतरनाक केमिकल और सिंथेटिक डाई होते हैं, जो स्किन पर जलन, खुजली और एलर्जी पैदा कर सकते हैं.
अगर आप इस होली में नेचुरल चीजों से बने रंगों का उपयोग करते हैं तो यह रंग त्वचा को नुकसान पहुंचाने की जगह अच्छे साबित हो सकते हैं. इस रंग को बनाने में हम ऐसी चीजों का इस्तेमाल करने वाले हैं, जिनमे त्वचा के लिए अच्छे माने जाने वाले तत्व मौजूद हैं. आप गुलाब और गुड़हल फूलों के रस से गुलाल तैयार कर सकते हैं.

लोकल 18 से बात करते हुए देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक शालिनी जुगरान बताती हैं कि चुकंदर में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट चेहरे को गुलाबी रंगत देता है, इसीलिए यह चेहरे के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है. पिग्मेंटेशन और मुंहासों को दूर करने वाले तत्व भी इसमें मौजूद होते हैं.

डॉ. जुगरान बताती हैं कि पहले के समय में जब मशीन और केमिकल नहीं होते थे, तब लोग फल, फूल और सब्जियों के रंगों से ही प्राकृतिक रंग बनाया करते थे, जो हमारी त्वचा के लिए पूरी तरह से सुरक्षित होते हैं. हर्बल गुलाल घर पर बनाए जा सकते हैं. इसके लिए आप सबसे अच्छा इंग्रीडिएंट चुकंदर चुनें.
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मार्केट में बिकने वाले रंगों में खतरनाक केमिकल और सिंथेटिक डाई होते हैं, जो स्किन पर जलन, खुजली और एलर्जी पैदा कर सकते हैं जबकि घर पर बने गुलाल न तो स्किन को नुकसान पहुंचाते हैं और न ही आंखों में जलन करते हैं. इन्हें तैयार करने के लिए आपको सबसे पहले एक ताजा चुकंदर लेना होगा. अब आप इसे काटकर इसे कद्दूकस कर लें.

ऐसा करने के बाद चुकंदर के टुकड़ों को छन्नी में रखकर चम्मच की मदद से उसका रस निकाल लीजिए. अब इसे लगभग 5 चम्मच साफ अरारोट के आटे में मिल लीजिए. इसे अच्छे से पूरी तरह मिलाना पड़ता है ताकि इसमें कोई भी गुठली न रहे. आप जितना गहरा रंग डालना चाहते हैं उतना ज्यादा चुकंदर का रस मिलाना पड़ेगा. जितना हल्का चाहते हैं उतना ज्यादा अरारोट का आटा लेना होगा.

अच्छी तरह से इसे मिलने के बाद आप सूती कपड़े के ऊपर इसे फैला लीजिए और धूप में रख दीजिए. जब तक यह सूख न जाए इसे धूप लगने दीजिए. इसी तरह आप कच्ची हल्दी का रस या हल्दी मिलाकर पीले रंग को तैयार कर सकते हैं. संतरे के छिलकों का रस निकालकर भी नारंगी रंग तैयार कर लिया जा सकता है.

आप कोशिश करें कि ज्यादा तेज धूप में न रंगों को सुखाएं और सूती कपड़े पर ही सुखाएं. हरा रंग तैयार करने के लिए आप पालक को किसी पत्थर की मदद से पीसकर इसका रस निकाल सकते हैं, या कम पानी डालकर ग्राइंड करके इसे अरारोट में मिलाकर उसे सूती कपड़े पर सुखा सकते हैं. इस तरह आपको कई तरह के खुद के नेचुरल गुलाल मिल जाएंगे.
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