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How to Wash Corn to Remove Pesticides: सड़क किनारे सिकते भुट्टे की खुशबू हर किसी को अपनी ओर खींच लेती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस कॉर्न का लुत्फ आप उठा रहे हैं, वह आपकी सेहत बिगाड़ भी सकता है? बाजार में भुट्टों को ज्यादा चमकदार दिखाने और लंबे समय तक ताजा रखने के लिए धड़ल्ले से केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल हो रहा है. डॉ. राजकुमार (आयुष) ने चेतावनी दी है कि ये रसायन पेट दर्द और एलर्जी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं. असली और मिलावटी भुट्टे की पहचान कैसे करें, इसके लिए आइए जानते हैं रंग, गंध और दानों की बनावट से जुड़े 5 आसान तरीके.
सड़क किनारे सिकता हुआ भुट्टा हर किसी को अपनी खुशबू से खींच लेता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो कॉर्न आप खा रहे हैं, वह पूरी तरह सुरक्षित भी है या नहीं. बाजार में जल्दी पकाने, चमक बढ़ाने और लंबे समय तक ताजा दिखाने के लिए कुछ विक्रेता केमिकल का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में जागरूक रहना बेहद जरूरी है ताकि स्वाद के साथ सेहत से समझौता न हो.

डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि कई बार भुट्टे पर अत्यधिक कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता है. कुछ मामलों में दानों को चमकदार दिखाने के लिए कृत्रिम घोल का प्रयोग भी किया जाता है. यही नहीं, लंबे समय तक स्टॉक रखने के लिए प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल भी संभव है. ये सभी तत्व शरीर में जाकर एलर्जी, पेट दर्द या अन्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं. इसलिए खरीदते समय सतर्कता बेहद जरूरी है

पहला तरीका है रंग और चमक को ध्यान से देखना. अगर भुट्टे के दाने असामान्य रूप से ज्यादा चमकदार या बहुत एक जैसे पीले दिख रहे हैं, तो सावधान हो जाएं. प्राकृतिक भुट्टा हल्का मैट फिनिश वाला होता है और उसके दानों में थोड़ी असमानता भी दिखती है. जरूरत से ज्यादा चमक कई बार केमिकल ट्रीटमेंट का संकेत हो सकती है.
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दूसरा तरीका है गंध पहचानना. ताजा और प्राकृतिक भुट्टे में हल्की मीठी और मिट्टी जैसी खुशबू होती है. अगर आपको किसी तरह की तेज या अजीब सी केमिकल जैसी गंध महसूस हो, तो उसे खरीदने से बचें. कई बार केमिकल लगे दानों से हल्की बदबू भी आती है, जो सामान्य भुट्टे में नहीं होती.

तीसरा तरीका है पत्तियों की स्थिति देखना. प्राकृतिक भुट्टे की हरी पत्तियां थोड़ी सूखी या हल्की पीली हो सकती हैं, लेकिन पूरी तरह चमकदार और प्लास्टिक जैसी दिखने वाली पत्तियां शक पैदा कर सकती हैं. अगर पत्तियां जरूरत से ज्यादा ताजी और कड़ी लगें, तो यह संकेत हो सकता है कि उसे संरक्षित रखने के लिए कुछ लगाया गया है.

चौथा तरीका है दानों को दबाकर देखना. ताजा भुट्टे के दाने दबाने पर हल्के मुलायम होते हैं और उनमें से दूधिया रस निकल सकता है. अगर दाने बहुत सख्त या असामान्य रूप से कड़े हों, तो यह पुराने स्टॉक या केमिकल ट्रीटमेंट का परिणाम हो सकता है. ऐसे भुट्टे स्वाद में भी फीके लगते हैं.

पांचवां और सबसे आसान तरीका है भरोसेमंद स्रोत से खरीदारी. कोशिश करें कि स्थानीय किसानों या विश्वसनीय दुकानों से ही कॉर्न लें. घर लाने के बाद भुट्टे को अच्छी तरह बहते पानी से धोएं और जरूरत हो तो हल्के नमक के पानी में कुछ देर भिगो दें. इससे सतही केमिकल काफी हद तक हट सकते हैं.
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