हरी मिर्च खरीदते समय सही पहचान करना खाने के स्वाद को दोगुना कर देता है. गहरे हरे रंग की चमकदार, बीजों से भरी, पतली और लंबी मिर्च आमतौर पर अधिक तीखी होती है, जबकि हल्की हरी या पीली, मोटी मिर्च कम तीखी निकलती है. मिर्च को हल्का तोड़ने पर आने वाली तेज खुशबू भी इसके तीखेपन का संकेत देती है.
हरी मिर्च खरीदते समय सबसे पहले उसके रंग पर ध्यान दें. गहरे हरे और ऊपर से चमकदार मिर्च में अक्सर अधिक तीखापन होता है, जबकि हल्की हरी या पीली मिर्च आमतौर पर कम तीखी होती है.

अगर मिर्च की तीखापन को लेकर शंका हो, तो एक मिर्च को हल्का सा तोड़कर अंदर देख लें. जिन मिर्चों में बीज ज्यादा और पास-पास होते हैं, वे आमतौर पर तीखी होती हैं, जबकि कम बीज वाली मिर्च का स्वाद हल्का रहता है.

अक्सर लोग मोटी मिर्च देखकर सोचते हैं कि यह ज्यादा तीखी होगी, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है. अधिकांश मामलों में पतली और लंबी हरी मिर्च ज्यादा तीखी होती है, जबकि मोटी मिर्च सब्जी के लिए हल्की रहती है.
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तीखी हरी मिर्च की अपनी अलग तेज़ खुशबू होती है. मिर्च को हल्का सा तोड़ते ही इसकी महक तुरंत नाक तक पहुंचती है. अगर खुशबू कम या नहीं आती, तो इसका तीखापन भी कम हो सकता है.

अगर ऊपर बताए गए तरीकों से मिर्च की तीखापन समझ न आए, तो मिर्च को तोड़कर हथेली पर हल्का सा रगड़ें. कुछ समय बाद अगर जलन महसूस हो, तो समझ जाइए कि मिर्च तेज है. बाद में हाथ को अच्छी तरह धोना न भूलें.

हरी मिर्च सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाती, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है. इसमें विटामिन C और फाइबर होता है, जो पाचन को दुरुस्त रखता है और शरीर की ताकत बढ़ाने में मदद करता है.

हालांकि हरी मिर्च फायदेमंद है, लेकिन ज्यादा खाने से परेशानी भी हो सकती है. अत्यधिक तीखी मिर्च खाने से पेट में जलन या एसिडिटी हो सकती है, इसलिए स्वाद और सेहत का ध्यान रखते हुए ही इसका सेवन करें.
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