Benefits and Risks of Eating Apple: कहावत है कि ‘रोज एक सेब खाओ और डॉक्टर को दूर भगाओ’, लेकिन क्या यह नियम हर किसी पर लागू होता है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पौष्टिकता से भरपूर सेब भी कुछ स्थितियों में आपकी सेहत के लिए मुसीबत बन सकता है. फाइबर, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट का खजाना होने के बावजूद, इसका गलत समय पर या जरूरत से ज्यादा सेवन पेट में गैस, एसिडिटी और एलर्जी जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है. खासकर डायबिटीज के मरीजों और संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोगों के लिए सेब खाने का सही तरीका और सही वक्त जानना बेहद जरूरी है.
सेब को हमेशा से सेहत का सबसे भरोसेमंद फल माना जाता है. बचपन से हम सुनते आए हैं कि रोज एक सेब खाने से डॉक्टर की जरूरत नहीं पड़ती. इसी सोच के साथ कई लोग बिना सोचे समझे इसे अपनी डाइट का अहम हिस्सा बना लेते हैं. लेकिन क्या हर व्यक्ति के लिए सेब उतना ही फायदेमंद है जितना बताया जाता है. जरूरी नहींकि हर हेल्दी दिखने वाली चीज हर शरीर पर समान असर डाले.

डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि सेब में फाइबर, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये इम्यूनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने और त्वचा को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. लेकिन अधिक मात्रा में फाइबर लेने से पेट में गैस, सूजन और दर्द की समस्या हो सकती है. जिन लोगों का पाचन तंत्र संवेदनशील है उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए. किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन शरीर पर उल्टा असर डाल सकता है.

कई लोग सुबह खाली पेट सेब खाना पसंद करते हैं. हालांकि हर किसी के लिए यह सही विकल्प नहीं है. सेब में मौजूद प्राकृतिक एसिड कुछ लोगों में एसिडिटी और जलन बढ़ा सकते हैं. अगर पहले से गैस या एसिड रिफ्लक्स की दिक्कत है तो खाली पेट सेब परेशानी बढ़ा सकता है. ऐसे में इसे नाश्ते के बाद या दूसरे फल के साथ खाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.
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डायबिटीज के मरीज अक्सर सोचते हैं कि सेब पूरी तरह सुरक्षित फल है. सेब का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम जरूर होता है, लेकिन इसमें प्राकृतिक शुगर मौजूद रहती है. अगर मात्रा का ध्यान न रखा जाए तो ब्लड शुगर लेवल प्रभावित हो सकता है. इसलिए डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट में सेब शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. संतुलन ही सबसे जरूरी नियम है.

बाजार में मिलने वाले कई सेबों पर चमक बनाए रखने के लिए वैक्स की परत चढ़ाई जाती है. अगर इन्हें अच्छी तरह साफ न किया जाए तो शरीर में हानिकारक तत्व जा सकते हैं. सेब को खाने से पहले बहते पानी में अच्छी तरह धोना या गुनगुने पानी से साफ करना जरूरी है. छिलके समेत खाने से पहले स्वच्छता का ध्यान रखना सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

कुछ लोगों को सेब से एलर्जी भी हो सकती है. सेब खाने के बाद गले में खुजली, होंठों पर सूजन या त्वचा पर रैशेज दिखें तो इसे नजरअंदाज न करें. यह फूड एलर्जी का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है. हर शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है, इसलिए अपने शरीर के संकेतों को समझना बेहद आवश्यक है.

रात में सेब खाना भी हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता. रात के समय मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और फाइबर पचने में समय लेता है. इससे पेट भारी लग सकता है और नींद में भी बाधा आ सकती है. बेहतर है कि सेब दिन के समय खाया जाए ताकि शरीर पोषक तत्वों को सही तरीके से अवशोषित कर सके और असहजता से बचा जा सके.
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