बच्चों और ग्रामीणों का कहना है कि जब बच्चों ने उसे ऐसा करने से रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने ट्रैक्टर उनके ऊपर चढ़ाने का प्रयास किया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से बच्चे बुरी तरह डर गए और जान बचाने के लिए भागना पड़ा।
घटना के दो वीडियो सामने आए हैं। पहले वीडियो में सरपंच पुत्र साफ तौर पर ट्रैक्टर के पंजे से खेल मैदान को खोदते हुए दिखाई दे रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर फटकार की बात सामने आई। इसके बाद दूसरा वीडियो सामने आया, जिसमें सरपंच पुत्र अपने पहले कृत्य से पलटते हुए यह दावा करता नजर आ रहा है कि वह मैदान का जीर्णोद्धार करवा रहा था और पिच को बेहतर बनाने के लिए खुदाई कर रहा था।
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हालांकि ग्रामीणों और बच्चों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि मैदान सुधारने की कोई पूर्व सूचना नहीं थी और न ही बच्चों को हटाने का कोई वैधानिक कारण बताया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, यह पूरी घटना बच्चों को डराने, उन्हें मैदान से भगाने और अपनी दबंगई दिखाने के इरादे से की गई।
इस मामले में मकसूदनगढ़ थाना प्रभारी संदीप यादव से बात की तो उनका कहना है हमारे पास अभी तक इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है। उन्होंने आगे बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मौके पर जाकर देखा तो वहां पर बीच में तलाई का काम चल रहा था और बच्चों ने आकर किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं की।
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