रांची समेत पूरे झारखंड में शीतलहर का असर लगातार तेज होता जा रहा है। उत्तर-पश्चिमी दिशा से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी रांची के कांके क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया ग
शाम ढलते ही लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, जबकि सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। ठंड का असर खासतौर पर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों पर अधिक दिख रहा है। लोग अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। कई इलाकों में नगर निकायों की ओर से अलाव की व्यवस्था की गई है, ताकि जरूरतमंदों को राहत मिल सके।
कोहरे की मार, उड़ानों पर पड़ा असर
ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह के समय दृश्यता घटकर 500 मीटर से भी कम रह गई, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हुआ। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर दिल्ली, मुंबई, पुणे और हैदराबाद से आने वाली कई उड़ानें अपने निर्धारित समय से देरी से रांची पहुंचीं।
कुछ विमानों को कोहरे के कारण देर तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा, जिससे यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ी। वहीं सड़कों पर भी वाहनों की रफ्तार धीमी रही। हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर सुबह के समय आवाजाही कम नजर आया। बाजारों में भी सुबह की चहल-पहल घट गई है और लोग धूप निकलने के बाद ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
तीन दिन में मिलेगी राहत, लेकिन सर्दी रहेगी कायम
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, झारखंड में अगले तीन दिनों में मौसम के मिजाज में बदलाव के संकेत हैं। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि ठंडी हवाओं का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा। सुबह के समय कोहरा छाए रहने की संभावना है।
जबकि दिन में मौसम शुष्क रहेगा और धूप निकलने से राहत मिलेगी। राज्य के अन्य जिलों की बात करें तो बोकारो में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री, गिरिडीह में 9.5 डिग्री, जमशेदपुर में 12 डिग्री, चाईबासा में 10.6 डिग्री और मेदिनीनगर में 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को अभी कुछ दिन सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
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