गंदे पानी की शिकायतों पर देवास नगर निगम अलर्ट
देवास में गंदे पानी की शिकायतों और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद नगर निगम अलर्ट मोड में आ गया है। शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने जल प्रदाय विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सुपरवाइजरों के साथ समी
गंदे पानी की शिकायतों पर बुलाई गई बैठक
शहर में लगातार मिल रही गंदे पानी की शिकायतों को देखते हुए यह बैठक आयोजित की गई। बैठक में महापौर ने जल वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पानी की सप्लाई से पहले लैब में उसकी गुणवत्ता की जांच हर दो घंटे में की जाए।
जांच के बाद ही शहर में पानी की आपूर्ति की जाए। बैठक में महापौर ने प्रत्येक वार्ड के सुपरवाइजरों से गंदे पानी की शिकायतों और जल वितरण से जुड़ी समस्याओं की विस्तृत रिपोर्ट तलब की। जिन वार्डों में शिकायतें मिली थीं, वहां किए जा रहे सुधार कार्यों की भी समीक्षा की गई।
तीन दिनों में सभी टंकियां साफ करने के निर्देश
महापौर ने कार्यपालन यंत्री और आईएचपी कंपनी को निर्देश दिए कि शहर में जल वितरण करने वाली सभी पानी की टंकियों को तीन दिनों के भीतर साफ कराया जाए। महापौर ने समय पर जल वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन वार्डों में शुद्ध जल आपूर्ति और शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया, वहां के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना भी की।
निगम अधिकारियों ने क्षिप्रा स्थित ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया
अमृत 2.0 योजना पर जताई नाराजगी
अमृत 2.0 योजना के तहत डाली जा रही पाइपलाइनों में लेबलिंग और नागरिकों को दिए जा रहे नल कनेक्शनों को लेकर महापौर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्हें शिकायत मिली थी कि नल कनेक्शन देने के नाम पर कंपनी द्वारा अतिरिक्त राशि ली जा रही है। इस पर महापौर ने अधिकारियों और संबंधित कंपनी के टीम लीडर को व्यवस्था में तत्काल सुधार करने और शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
क्षिप्रा ट्रीटमेंट प्लांट का किया निरीक्षण
बैठक के बाद महापौर गीता अग्रवाल, विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल और निगम अधिकारियों ने क्षिप्रा स्थित ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने लैब में पानी के शुद्धिकरण के लिए उपयोग की जा रही ब्लीचिंग और एलम की मात्रा की जानकारी ली और प्रक्रिया का अवलोकन किया।
अंतिम निर्देश: जांच के बाद ही सप्लाई
निरीक्षण के दौरान ही महापौर ने अंतिम निर्देश देते हुए कहा कि पानी की गुणवत्ता की जांच हर दो घंटे में अनिवार्य रूप से की जाए और उसके बाद ही पानी की सप्लाई की जाए। शहरवासियों को शुद्ध और साफ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महापौर ने कार्यपालन यंत्री इंदु प्रभा भारती को जल आपूर्ति व्यवस्था की निरंतर मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए।
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