मिडिल ईस्ट तनाव की आंच अब रायपुर के होटल-रेस्टोरेंट्स के व्यापार पर भी पड़ने लगा है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 114 रुपए बढ़ने के साथ ही होटल-रेस्टोरेंट्स के लिए इसकी सप्लाई पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसका असर रायपुर में दिखने भी लगा है। राजधानी में मंगलवार को ईंधन नहीं मिलने के चलते 20 से अधिक रेस्टोरेंट्स एंड कैफे बंद रहे। बुधवार को भी कुछ कैफे-रेस्टोरेंट्स बंद होने की आशंका बनी हुई है। होटल कारोबारियों का कहना है कि अगले 2 दिन में सिलेंडर सप्लाई नहीं हुई तो व्यवसाय को अस्थाई तौर पर बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश होटल, रेस्टोरेंट्स और कैफे के किचन एलपीजी कुकिंग के आधार पर ही विकसित किए गए हैं। यहां इलेक्ट्रिक कुकिंग की व्यवस्था बहुत छोटे स्तर पर है। इसलिए गैस की सप्लाई नहीं होने पर स्टॉक के खत्म होने के बाद व्यापार में विराम लगने की आशंका व्यापारी जता रहे हैं। शादियों का मौसम, केटरिंग व्यवसाय पर भी पड़ेगा असर छत्तीसगढ़ में मार्च-अप्रैल में शादियों के 5 से अधिक मुहूर्त हैं। कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई बंद होने से केटरिंग व्यवसाय पर भी असर पड़ेगा। ढाबा संचालकों के किचन ओपन होते हैं और स्पेस होने के चलते लकड़ी और कोयले से भोजन पकाकर अपना व्यापार चला सकेंगे। 2-3 दिन का ही स्टॉक
रायपुर में ही 100 से अधिक बड़े होटल्स संचालित हैं। सभी के पास एलपीजी का 2 से 3 दिन का ही स्टॉक है। यदि सप्लाई बंद हो गई और स्टॉक खत्म हो गया तो होटल्स का संचालन बंद हो जाएगा।
– तरनजीत सिंह होरा, अध्यक्ष छग होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन 20 रेस्टोरेंट-कैफे हो गए बंद
सिलेंडर नहीं मिलने पर मंगलवार को राजधानी के 20 रेस्टोरेंट-कैफे बंद रहे। सरकार कम से कम व्यापार संचालन के लिए कोटा निर्धारित कर दे, ताकि रोजी-रोटी का संकट सामने ना आए।
– मिक्की दत्ता, महासचिव छग रेस्टोरेंट्स एंड कैफे एसोसिएशन
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