किस्तों में बिजली का बिल जमा करने वालों को अब रियायत नहीं मिलेगी। ऊर्जा निगम ने बिजली बिलों की धनराशि का आंशिक भुगतान स्वीकार न करने का फरमान जारी कर दिया है। विद्युत वितरण खंड शहर डिविजन मार्च तक इस व्यवस्था के तहत काम करेगा।
शहर में ऐसे कई उपभोक्ता हैं जो बिजली का बिल एक साथ जमा नहीं कर पाते। उनके लिए किस्तों में भुगतान का विकल्प खुला रहता था लेकिन इस बार ऊर्जा निगम ने इस पर सख्ती कर दी है। सूत्रों के अनुसार वित्तीय वर्ष समाप्ति के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि लोग लंबे समय से बिल जमा नहीं करते और राशि बढ़ने पर वे इसे किस्तों में जमा करने के लिए दबाव बनाते हैं। नए आदेश के बाद उपभोक्ताओं को बिजली का बिल एकसाथ जमा करना होगा।
5350 बकायेदारों को देने हैं 10.50 करोड़
शहर डिविजन में 50 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें 50 हजार से अधिक वाले 350 बकायेदारों पर 4.50 करोड़ बकाया है। इसके साथ ही 50 हजार से नीचे वाले पांच हजार बकायेदार हैं जिन पर छह करोड़ की राशि बकाया चल रही है। अभी 50 हजार से अधिक के बकायेदारों को नोटिस दिए जा रहे हैं।
नये फरमान से यूपीसीएल को होगा फायदा
यूपीसीएल अभी तक उपभोक्ताओं को बिल राशि का 50 प्रतिशत जमा करने पर राहत देता था लेकिन बकाया राशि बढ़ने के कारण नया आदेश जारी किया है। इससे कनेक्शन कटने के डर से बकाएदार आसानी से बिल अदा करेगा।
50 हजार का बिल न देने पर दो दुकानदारों के कनेक्शन काटे
विद्युत वितरण खंड ग्रामीण डिविजन की टीम ने बुधवार को टीपीनगर क्षेत्र में अभियान चलाकर दो दुकानदारों के कनेक्शन काट दिए। उन पर 50 हजार का बिल बकाया है। अवर अभियंता धीरज पंत ने बताया कि लंबित बिल जमा न करने वालों के खिलाफ निगम कार्रवाई कर रहा है।
दिसंबर तक बिल की राशि का 50 प्रतिशत जमा किया जा सकेगा लेकिन जनवरी से लेकर मार्च तक पुराना बिल एक साथ जमा करना होगा। इसका आदेश कार्यालय में चस्पा कर दिया है।
– प्रदीप कुमार, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल
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