औरंगाबाद में लगातार कड़ाके की ठंड और शीतलहर जारी है। इसने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। ठंड का सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों क
मौजूदा हालात को देखते हुए जिला दंडाधिकारी, अभिलाषा शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों व निजी कोचिंग संस्थानों में कक्षा पांचवीं तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर 8 जनवरी से 10 जनवरी तक प्रतिबंध लगाया गया है। इस आदेश के दायरे में प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी शामिल हैं, ताकि छोटे बच्चों को ठंड के प्रकोप से सुरक्षित रखा जा सके।
विद्यार्थियों के लिए आंशिक प्रतिबंध लागू
कक्षा छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए आंशिक प्रतिबंध लागू किया गया है। इन कक्षाओं के लिए सुबह 11 बजे से पहले और दोपहर 3:30 बजे के बाद शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन पर रोक लगाई गई है। इसका उद्देश्य छात्रों को अत्यधिक ठंड के समय स्कूल आने-जाने से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाना है।
हालांकि, परीक्षा के उद्देश्य से संचालित की जाने वाली विशेष कक्षाओं को इस आदेश से मुक्त रखा गया है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षाओं पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। जिला प्रशासन ने सभी विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रबंधन को आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
प्रशासन की ओर से ठंड और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिले में पड़ रहे कड़ाके की ठंड को देखते हुए औरंगाबाद में आठवीं तक के स्कूल पिछले करीब 15 दिनों से बंद हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की गंभीरता को देखते हुए आगे भी आवश्यकतानुसार निर्णय लिए जाएंगे। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और प्रशासन के निर्देशों का सहयोग करें।
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