क्षतिग्रस्त पुश्ते और गड्ढे बढ़ा रहे है लोगों की मुसीबतें
नई टिहरी। प्रतापनगर क्षेत्र की लाइफ लाइन कहे जाने वाले डोबरा-लंबगांव मोटर मार्ग की सेहत सुधारने में लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी नाकाम साबित हो रहा है। डोबरा से लेकर मोटणा तक सड़क की सबसे अधिक खस्ताहाल स्थिति बनी है जो दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। डोबरा से मोटणा तक आठ किमी सड़क पर जगह-जगह पुश्ते क्षतिग्रस्त हैं। हर दो कदम पर गड्ढों की भरमार है।
जिला मुख्यालय से प्रतापनगर ब्लॉक क्षेत्र के दर्जनों गांवोें को जोड़ने वाला डोबरा-चांठी-लंबगांव मोटर मार्ग क्षेत्र के लोगों को सुविधा कम मुसीबत अधिक बना हुआ है। इस मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों का आवागमन होता है। लेकिन सड़क की स्थिति खस्ताहाल बनी हुई है। सबसे खराब स्थिति डोबरा से मोटणा के बीच आठ किमी परिधि में बनी हुई है।
बीते अगस्त और सितंबर माह में आपदा से सड़क के जो पुश्ते क्षतिग्रस्त हुए थे उनकी मरम्मत तक नहीं हो पाई। डामरीकरण के अभाव में हर दो कदम पर बड़े-बडे़ गड्ढे बन गए है। गड्ढों में दोपहिया वाहनों का संचालन मुश्किल से हो रहा है। दोपहिया वाहन सवारों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
पुश्तों और गड्ढों की मरम्मत न होने से धूल मिट्टी इतनी उड़ रही है आगे पीछे चलने वाहन स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहे है। जिससे दुर्घटना का भय बना रहता है। स्थानीय लोग लंबे समय से सड़क मरम्मत की मांग करते आ रहे है, लेकिन कार्यदायी संस्था लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है। जिससे स्थानीय लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
डोबरा-लंबगांव मोटर मार्ग मरम्मत करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है जिसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क के पुश्तों पर मरम्मत कार्य चल रहा है।
-योगेश कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी।
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