नीमच जिले की जावद तहसील की मोडी ग्राम पंचायत से वर्ष 1995 से 2012 के बीच के 17 साल के शासकीय रिकॉर्ड गायब होने के मामले में उपसरपंच कारूलाल राठौर ने मंगलवार दोपहर कलेक्टर कार्यालय में अनूठा प्रदर्शन किया। उन्होंने जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर के समक्ष एक शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया। उपसरपंच कारूलाल राठौर ने अपने आवेदन में बताया कि मोडी ग्राम पंचायत से 17 साल के समस्त सार्वजनिक अभिलेख/रिकॉर्ड गायब हैं। उन्होंने कहा कि तब से लेकर आज तक जनपद पंचायत कार्यालय जावद या ग्राम पंचायत में इस संबंध में कोई उचित रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रतिवर्ष होने वाली स्टॉक सामग्री और दस्तावेज़ों की ऑडिट और जांचों का क्या महत्व रह गया है, और क्या जांचकर्ता अधिकारियों के संरक्षण के कारण शासकीय दस्तावेज़ गायब किए गए हैं। कलेक्टर से इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेने, संपूर्ण अभिलेखों की उचित जांच करवाने और दोषी कर्मचारियों/अधिकारियों पर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी करने की मांग की है।
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2020 से शिकायत, आज तक कार्रवाई नहीं
उपसरपंच 2020 से ग्राम पंचायत मोड़ी में हुए भ्रष्टाचार और घोटाले की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन आश्चर्य की बात तो यह है कि आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर आज उपसरपंच ने अनूठे अंदाज में शिकायत कर अफसरों को ध्यान आकर्षित करवाने का निर्णय लिया। उपसरपंच का शिकायत करने की अलग ही तरीके की प्रक्रिया को अपनाया, जिसने जनसुनवाई में हर किसी का ध्यान खींच लिया।
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जमीन घोटाला भी हुआ, पर रिकॉर्ड गायब होने के कारण भूमाफियाओं को फायदा
ग्राम पंचायत में जमीन घोटाला भी हुआ था, पर पंचायत का रिकार्ड गायब होने के कारण इसका फायदा भूमाफियाओं को मिला। 2022 में ग्राम पंचायत में हिसंक घटना हुई थी। एक भूखंड के कई दावेदार होने के कारण विवाद की स्थिति भी निर्मित हो रही है। इधर पंचायत से रिकार्ड ही गायब है।
सीएम हेल्प लाइन को करवाया 50 बार अपडेट
उप सरपंच ने ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार की शिकायत चार साल पहले सीएम हेल्प लाइन में की थी, सीएम हेल्प लाइन में वे 50 बार शिकायत अपडेट करवा चुके हैं। शिकायत उच्च स्तर पर भी पहुंची, फिर भी अभी भी निराकरण लंबित है।
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