जांच एजेंसियों ने वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिए चीनी नागरिक हू कोंगताई का मोबाइल फोन सोमवार को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। कोंगताई ने लद्दाख व जम्मू-कश्मीर में रणनीतिक महत्व की जगहों का दौरा किया था।
एक अधिकारी ने बताया कि हू केंद्र शासित प्रदेशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में गया लेकिन वह इसके कारण के बारे में कुछ नहीं बता रहा है। सेना की यूनिट ने इंटरनेट पर उसकी असामान्य गतिविधि देख हिरासत में लिया था। वह तीन दिन लद्दाख के जंस्कार में रहा। श्रीनगर आने से पहले हिमालयी क्षेत्र में भी रणनीतिक महत्व की जगहों पर गया।
एजेंसियां जांच कर रही हैं कि श्रीनगर आने से पहले उसने अपनी कोई ब्राउजिंग हिस्ट्री डिलीट तो नहीं की है। हू 19 नवंबर को टूरिस्ट वीजा पर दिल्ली आया। उसे वाराणसी, आगरा, नई दिल्ली, जयपुर, सारनाथ, गया और कुशीनगर में बौद्ध धार्मिक स्थलों पर जाने की ही अनुमति थी।
अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में हू ने कहा कि उसे दुनिया भर में घूमना पसंद था। उसने वीजा उल्लंघन के बारे में अनजान होने का नाटक किया और दावा किया कि उसे पता नहीं था कि वह लद्दाख और जम्मू-कश्मीर की यात्रा नहीं कर सकता है।
अधिकारी ने बताया कि हू ने स्थानीय लोगों से अपनी शक्ल मिलने का फायदा उठाकर लेह हवाई अड्डे पर स्थित फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस काउंटर पर रजिस्ट्रेशन कराए बिना 20 नवंबर को लेह की फ्लाइट पकड़ ली। उसने भारतीय सिम कार्ड भी ले लिया था। श्रीनगर में वह गैर-पंजीकृत गेस्ट हाउस में रुका।
हारवन में बौद्ध धार्मिक स्थल पर गया जहां पिछले साल एक मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी मारा गया था। अधिकारियों ने बताया कि उसके फोन के डेटा के अनुसार उसने दक्षिण कश्मीर में अवंतिपोरा के खंडहरों का भी दौरा किया। यह सेना के विक्टर फोर्स मुख्यालय के पास है। वह श्रीनगर में शंकराचार्य पहाड़ियां, हजरतबल और डल झील के किनारे मुगल गार्डन सहित कई इलाकों में भी गया।
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