रतलाम शहर के मोतीनगर में करीब दो वर्ष पहले हुए बहुचर्चित जेवर लूटने व वृद्धा की हत्या करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी मुंह बोले बेटे को उम्र कैद की सजा सुनाई। वृद्धा ने आरोपी को अपना बेटा मानकर उसकी शादी अपनी विधवा बहू से कराई थी और अपने घर पर रखती थी।
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अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी ने बताया कि 70 वर्षीय भूरीबाई निवासी मोतीनगर के बेटे का निधन हो गया था। बेटे के निधन के कुछ समय बाद आरोपी वीरजी भाभर पिता प्रेम भाभर (35) निवासी ग्राम केदारगढ़ हाल मुकाम स्थानीय शंकरगढ़ को अपना बेटा बनाकर उसका नातरा (शादी) अपनी विधवा बहू से करा दिया था। शादी के बाद कुछ दिन तक वीरजी पत्नी के साथ भूरीबाई के घर पर ही रहा। वह भूरीबाई का मकान हड़पना चाहता था, इस कारण विवाद करने लगा और दूसरी जगह जाकर अलग रहने लगा। आरोपी 3 मार्च 2024 की रात भूरीबाई के घर में घुस गया था और उनके जेवर चुराकर ले जा रहा था। खटपट की आवाज होने पर भूरीबाई की नींद खुली तो उन्होंने वीरजी को देखा तथा रोकने का प्रयास किया तो वीरजी ने लाठी से हमला कर भूरीबाई की हत्या कर दी थी।
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हत्या करने के बाद वह जेवर लूट कर ले गया था। सुबह भूरीबाई घर मे मृत मिली थी। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपी वीरजी को गिरफ्तार कर लिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया था। सुनवाई के बाद दोषी पाए जाने पर गुरुवार को तृतीय सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर ने उसे सजा सुनाई।
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<strong>सभी सजा साथ चलेगी</strong>
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अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी ने बताया कि न्यायालय ने आरोपी वीरजी भाभर को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में उम्र कैद की सजा सुनाई और उस पर उक्त धारा में पांच हजार रुपए का जुर्माना भी किया। साथ ही उसे धारा 457 में पांच वर्ष के कारावास व दो हजार रुपए का जुर्माना तथा धारा 392 में 10 वर्ष के कारावास की सजा व दो हजार रुपए का जुर्माना से भी दंडित किया गया। सभी सजा साथ चलेंगी।
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<p class="mt-10"><img alt="adopted son was sentenced to life imprisonment for murdering an old woman and also robbing jewellery" src="https://staticimg.amarujala.com/assets/images/4cplus/2026/02/26/lga_5351959c223c5b81a5069df7d55e4fd7.jpeg?w=414&dpr=1.0&q=80"/>
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