न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने से पूर्व आरोपी को छिंदवाड़ा तहसील कार्यालय के पास स्थित आबकारी विभाग के कंट्रोल रूम में अभिरक्षा में रखा गया था। मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे अचानक बड़ी संख्या में ग्रामीण कंट्रोल रूम पहुंचे और वहां धावा बोल दिया। देखते ही देखते भीड़ ने आरोपी युवक को अपने साथ ले लिया और मौके से गायब हो गई।
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घटना की सूचना मिलते ही आबकारी अमले में हड़कंप मच गया। विभाग की ओर से इस मामले की शिकायत थाना कोतवाली में दर्ज कराई गई है। अधिकारियों का कहना है कि छिंदवाड़ा में यह पहली बार हुआ है, जब किसी आरोपी को सरकारी अभिरक्षा से इस तरह छुड़ाकर ले जाया गया हो।
वहीं दूसरी ओर आरोपी युवक के समर्थन में ग्रामीण बाद में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और आबकारी टीम पर युवक के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल मामला दो मोर्चों पर चल रहा है, एक तरफ जहां आबकारी विभाग ने ग्रामीणों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और आरोपी को छुड़ाने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने आरोपी के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना जिले में कानून-व्यवस्था और विभागीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
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