रांची में झारखंड सरकार और टाटा समूह के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य में निवेश और विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। यह पहल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में संभव हो पाई। कांके स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य की भावी योजनाओं की जानकारी साझा की गई।
एतिहासिक संबंधों का उल्लेख
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का स्वागत करते हुए कहा कि टाटा समूह और झारखंड का संबंध एतिहासिक और गहरा रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि टाटा समूह ने अपने औद्योगिक सफर की शुरुआत झारखंड की धरती से की थी और आज यह समूह देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और समूह की साझेदारी भविष्य में और मजबूत होगी, जिससे राज्य के विकास को नई गति मिलेगी।
होटल उद्योग में विस्तार की योजना
बैठक के बाद एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ लगभग दो घंटे तक सकारात्मक और विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान रांची सहित राज्य में निवेश की संभावनाओं पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि समूह रांची से होटल परियोजना की शुरुआत करेगा और आगे अन्य शहरों में भी विस्तार की योजना है। इससे पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
युवाओं के कौशल विकास पर जोर
बैठक में राज्य के युवाओं के कौशल विकास को लेकर भी चर्चा हुई। टाटा समूह ने स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को मजबूत करने की बात कही, ताकि युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। इसके अलावा समूह ने झारखंड के औद्योगिक और खेल विकास में निरंतर सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया।
विकास की नई संभावनाएं
इस पहल को राज्य में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार और टाटा समूह के बीच हुई यह चर्चा आने वाले समय में झारखंड के विकास को नई दिशा दे सकती है।
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