चंबा। छतरी ब्लॉक में वन भूमि से कसमल की जड़ों को अवैध रूप से निकालने वालों पर कार्रवाई की जाए। इसके लिए मंगलवार को चुराह घाटी कल्याण संघ का एक प्रतिनिधिमंडल डीएफओ कृतज्ञ कुमार से मिला।
संघ के अध्यक्ष वेद व्यास ठाकुर ने बताया कि कशमल का पौधा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे मिट्टी का कटाव रुकता है और वन भूमि की स्थिरता बनी रहती है। जैव विविधता का संरक्षण होता है। इस प्रकार के अवैध रूप से इस उखाड़ने से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि निजी भूमि से कसमल की जड़ों को 40 फीसदी निकालने के स्पष्ट आदेश हैं। कुछ लोग इन आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। जिनके खिलाफ विभाग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। आदेशानुसार ही 40 फीसदी कसमल की जड़ें निजी भूमि से निकाली जा सकें। उन्होंने डीएफओ से मांग की है कि मसरूंड रेंज के स्टाफ को निर्देश दिए जाएं कि अवैध रूप से कसमल की जड़ों को निकालने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें। ऐसा नहीं हुआ तो संघ उच्चाधिकारी से इस मामले की शिकायत करने के लिए बाध्य हो जाएगा।