रेवाड़ी। शास्त्री नगर निवासी सुनीता (36) ने अपने घर की छोटी-सी जगह को खूबसूरत बगिया में बदल दिया है। पिछले करीब पांच वर्षों से वह अपने घर के आंगन और छत पर पौधों की देखभाल कर रही हैं। उनकी बगिया में गुलाब, गेंदा, गुड़हल सहित कई प्रकार के फूलों के पौधे लगे हुए हैं जो न केवल घर की सुंदरता बढ़ाते हैं बल्कि आसपास के माहौल को भी खुशहाल बनाते हैं।
सुनीता बताती हैं कि उन्हें पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का शौक रहा है। इसी शौक को उन्होंने अपने घर में भी जीवित रखा हुआ है। वह रोजाना सुबह करीब एक घंटा अपने पौधों की देखभाल में लगाती हैं। इस दौरान पौधों को पानी देना, सूखी पत्तियां हटाना और नई क्यारियों को तैयार करना उनका रोज का काम बन गया है।
उनका कहना है कि पौधों के बीच समय बिताने से मन को काफी सुकून मिलता है और दिन की शुरुआत भी सकारात्मक ऊर्जा के साथ होती है।उनकी बगिया में सबसे खास गेंदे का पौधा है जिसे वह पिछले दो साल से संभाल कर रखे हुए हैं। सुनीता बताती हैं कि यह गेंदा का पौधा उनके भाई ने उन्हें दिया था। उन्होंने इस पौधे को बड़े प्यार से लगाया और लगातार उसकी देखभाल करती रहीं।
आज वह पौधा काफी बड़ा हो चुका है और उसमें हर मौसम में सुंदर फूल खिलते हैं। उनके लिए यह पौधा केवल एक पौधा नहीं बल्कि भाई के स्नेह की निशानी भी है।
प्रकृति के करीब रहने से मानसिक तनाव होता है कम
सुनीता पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अपनी बगिया में रासायनिक खाद का इस्तेमाल नहीं करतीं। वह पौधों के लिए घर में निकलने वाले किचन वेस्ट और गोबर से बनी जैविक खाद का उपयोग करती हैं। उनका कहना है कि इससे पौधे स्वस्थ रहते हैं और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है। इसके अलावा घर का कचरा भी उपयोग में आ जाता है जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता।
सुनीत का कहना है कि आज के भागदौड़ भरे जीवन में यदि हर व्यक्ति थोड़ी-सी जगह पर भी पौधे लगाए तो वातावरण को शुद्ध बनाने में बड़ी मदद मिल सकती है। साथ ही प्रकृति के करीब रहने से मानसिक तनाव भी कम होता है।
पौधों की अच्छी देखभाल के लिए नियमित पानी देना जरूरी
बावल मार्ग के पास फूलों की नर्सरी संचालक विवेक कुमार ने बताया कि पौधों की अच्छी देखभाल के लिए नियमित रूप से पानी देना सबसे जरूरी है लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए। पौधों को ऐसी जगह रखें जहां उन्हें पर्याप्त धूप और ताजी हवा मिल सके। समय-समय पर सूखी पत्तियां और टहनियां काटते रहें ताकि पौधा स्वस्थ रहे। मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए गोबर की खाद या किचन वेस्ट से बनी जैविक खाद का उपयोग करना बेहतर होता है। कीड़ों से बचाव के लिए नीम का पानी या जैविक उपाय अपनाए जा सकते हैं। नियमित देखभाल और सफाई से पौधे तेजी से बढ़ते हैं और लंबे समय तक हरे-भरे रहते हैं।
सुनीता
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