एक साल तक जब सरकारी विभाग ने सुनवाई नहीं की तो त्राल के अमीराबाद गांव के लोगों ने इलाके की जर्जर सड़क को खुद ठीक करने का बीड़ा उठा लिया।
यह सड़क इलाके के कई घरों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क का काम करती है। लोगों के मुताबिक वे एक साल से रोड एंड बिल्डिंग (आरएंडबी) विभाग के पास जा रहे हैं। कई बार आवेदन किए। जिला प्रशासन को बार-बार अवगत कराया लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
स्थानीय निवासी सुहेल अहमद ने कहा कि इस सड़क की हालत काफी समय से खराब है। गहरे गड्ढों, दरारों और जमी धूल की वजह से सड़क इस्तेमाल करने के लायक नहीं है। पैदल चलने वालों को धूल-मिट्टी का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि वाहनों को भी बहुत ही धीमी गति से इस खंड को पार करना पड़ता है।
एक अन्य स्थानीय यावर शफी ने कहा कि रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चे और मरीज इस बदहाल सड़क की वजह से परेशान हो रहे हैं। सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया इसलिए सड़क को खुद ठीक करने का फैसला किया। विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन देने के अलावा जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं किया। यावर ने कहा कि हम टैक्स देते हैं फिर भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। इलाके के एक किसान मोहम्मद अशरफ ने कहा कि हम यह अपनी मर्जी से नहीं बल्कि मजबूरी में कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने आरएंडबी विभाग से सड़क पर तारकोल डालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमने सिर्फ बुनियादी ढांचे को अस्थायी रूप से ठीक किया है लेकिन इसे स्थायी रूप से सही करना विभाग की जिम्मेदारी है। इस बीच विभाग के इंजीनियरिंग विंग के एक अधिकारी ने कहा है कि इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर केंद्रीय कार्यालय को भेजी गई है। जैसे ही वहां से निर्देश प्राप्त होंगे, काम शुरू कर दिया जाएगा।
पैठकुंडल शलबुग के लोगों ने सड़क की मरम्मत में देरी पर जताया रोष
पैठकुंडल शलबुग क्षेत्र के निवासियों ने क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण में देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। स्थानीय निवासियों के अनुसार यह सड़क 9 अक्तूबर को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी। अधिकारियों और राजनीतिक प्रतिनिधियों से आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक इसकी मरम्मत नहीं की गई।
स्थानीय निवासी जोहर अहमद खांडे ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण क्षेत्रवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहे हैं। पारो कामत ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र का दौरा भी किया था।
वहीं विभाग के अधिकारी का कहना था कि अभी हाल ही में ज्वाइन किया है और क्षेत्र का दौरा भी किया। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग से बात की है। एस्टीमेट बनाकर भेज दिया गया है। वह समाधान खोजने के लिए कल साइट निरीक्षण करने की योजना बना रहे हैं।
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