Success Story: घर के हालात देख जया ने इसका रोना रोने के बजाय खुद का काम करना शुरू किया. उन्होंने अपने पति के साथ आचार बना कर आस-पास बेचा. स्वाद और गुणवत्ता देख धीरे-धीरे इनके स्वाद का जादू चलने लगा. आज पति भी मजदूर से मालिक बन गए हैं, दोनों पति और पत्नी मिलकर व्यापार को आगे बढ़ाना चाहते हैं. इसको बिहार के साथ भारत तक फैलाना चाहते हैं.
हालात से रोने के बजाय सामना किया
एक दिन जया ने सोचा कब तक हालात का रोना रोया जाए? क्यों न कुछ ऐसा किया जाए जिससे घर में ही रहकर कमाई हो सके. पति को बाहर मजदूरी न करनी पड़े काफी सोच विचार के बाद उसे अपने बचपन का हुनर याद आया. जया के हाथों के बने अचार की खुशबू और स्वाद को घर परिवार वाले हमेशा पसंद करते थे. जया ने अपने पति से इस बारे में बात की. शुरू में पति थोड़ा झिझके. क्या अचार बेचकर घर चल पाएगा? पर जया ने हिम्मत नहीं हारी. उसने कहा क्यों न एक बार कोशिश करके देखा जाए. अगर स्वाद लोगों को पसंद आया तो हमारा काम जरूर चलेगा. बस यहीं से शुरू हुई जया कुमारी की सफलता की नई कहानी.
20-25 तरह का बना रही है आचार
जया ने घर पर ही थोड़ी मात्रा में आम का अचार, नींबू का अचार और मिर्च का अचार तैयार किया. पड़ोस की महिलाओं और पास के एक दो दुकानदारों को आचार का स्वाद चखवाया. स्वाद ऐसा कि हर कोई बस यही कह उठता वाह ऐसा अचार तो हमने कहीं नहीं खाया. धीरे-धीरे आर्डर आने लगे. जया के पति ने भी मजदूरी छोड़कर उसका हाथ थाम लिया.
दोनों मिलकर अचार तैयार करने लगे. साफ-सफाई, मसालों का चयन, तेल की गुणवत्ता हर चीज का खास ध्यान रखते हुए कारोबार को आगे बढ़ाया. आज जया कुमारी 20-25 तरह के अचार तैयार करती हैं. जिसमें आम का अचार, अमला अचार, मुरब्बा, लहसुन अचार, तीखी मिर्ची अचार, मिक्स अचार और भी कई तरह के स्वादिष्ट अचार तैयार करती है. उनकी पैकिंग, गुणवत्ता और स्वाद ने आसपास के इलाके में धूम मचा दी. अब उनके अचार की सप्लाई कई बाजारों और दुकानों तक होने लगी है.
जया कुमारी कहती हैं आज हमारा परिवार सुखी और संपन्न है. बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतें सब आसानी से हो रहा है. सबसे बड़ी खुशी यह है कि मेरे पति अब घर से दूर मजदूरी करने नहीं जाते. पति बाजारों में आचार बेचते हैं. दुकान-दुकान सप्लाई करते हैं. ऑर्डर भी मिलती है.
बरहाल जया और उनके पति की यह कहानी सिर्फ सफलता की कहानी नहीं, बल्कि एक संदेश है. जब पति-पत्नी एक-दूसरे का साथ और भरोसा निभाते हैं, तो कोई भी मुश्किल राह आसान हो जाती है. आचार जैसा छोटा-सा लगने वाला काम भी बड़ी पहचान और सफलता दे सकता है. बशर्ते उसमें मेहनत, लगन और गुणवत्ता हो जया कुमारी आज अपने क्षेत्र की कई महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं. उन्हें सिखा रही हैं कि घर से भी काम शुरू किया जा सकता है और आगे बढ़ा जा सकता है. आज जया सारा खर्च काटकर 35 हजार महीने की कमाई कर रही है. यानी सालाना 4.20 लाख का कारोबार. लेकिन उनका इरादा है इसको बिहार के साथ भारत तक विस्तार करने का.
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