डिजाइन को लोगों ने किया खूब पसंद
नंदिता दास ने यहीं से एक नया प्रयोग शुरू किया. जहां वह घर में पड़े पुराने सामान खाली सॉस की बोतलें, वाइन बोतलें और बेकार चीजों को इकट्ठा कर उन्होंने उन पर डिजाइन बनाना शुरू किया. पहले यह सिर्फ समय बिताने का तरीका था, लेकिन धीरे-धीरे उनकी बनाई चीजें इतनी खूबसूरत बनने लगीं कि लोगों का ध्यान उनकी तरफ बढ़ने लगा. उन्होंने क्ले आर्ट, ग्लास आर्ट, सैंड आर्ट और स्टोन आर्ट से अलग-अलग डेकोरेटिव आइटम तैयार किए, जो देखते ही बनते थे.
ये आर्ट युवाओं को करते हैं आकर्षित
नंदिता बताती हैं कि वह पहले सभी बोतलों को अच्छी तरह गर्म पानी से साफ करती हैं, फिर उन पर पेंटिंग, टेक्सचर और लाइटिंग लगाकर फ्लावर पॉट, हैंगिंग लैंप और होम डेकोर आइटम में बदल देती हैं. इसके अलावा उनके बनाए फ्रिज मैगनेट भी काफी लोकप्रिय हैं, जिन पर यूनिक कोट्स और ट्रेंडिंग कैप्शन लिखे होते हैं, जो युवाओं को खासा आकर्षित करते हैं.
नंदिता दास ने बताया कि फिर धीरे-धीरे उन्होंने सोशल मीडिया और एग्जीबिशन का सहारा लिया. उनकी डिटेलिंग और फिनिशिंग इतनी पसंद आई कि सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों और विदेशों से भी ऑर्डर मिलने लगे. आज स्थिति यह है कि वह घर बैठे ही हर महीने 80 से 90 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं. इतना ही नहीं, अपने इस काम के जरिए 4 अन्य लोगों को भी रोजगार दी हैं.
नंदिता का कहना है कि अगर किसी के पास हुनर और धैर्य है तो छोटा काम भी बड़ा व्यवसाय बन सकता है. कबाड़ समझे जाने वाले सामान को उन्होंने कला के जरिए पहचान दिलाई और यह साबित कर दिया कि सही सोच और मेहनत से घर बैठे भी अच्छी आय अर्जित की जा सकती है.
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