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Success Story: वैशाली के लालगंज जैसे छोटे कस्बे से निकलकर आई एम फाउंडेशन एडु इंस्टिच्यूट के छात्रों ने जेईई (JEE) परीक्षा में सफलता का परचम लहराया है. शिक्षक हिमांशु और नवनीत कर्ण के मार्गदर्शन में संस्थान के तीन होनहारों विकास कुमार (94.71%), वर्षा रानी (92.18%) और आजरा सलाल्लुद्दीन (91.83%) ने 90 से अधिक परसेंटाइल हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है. सीमित संसाधनों के बावजूद इस संस्थान ने साबित कर दिया है कि अनुशासन और सही दिशा में की गई मेहनत से बड़े शहरों के बिना भी इंजीनियरिंग के सपनों को साकार किया जा सकता है.
प्रभात कुमार/वैशालीः छोटे शहरों और कस्बों की गलियों से जब बड़े सपनों की उड़ान भरी जाती है, तो वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है वैशाली जिले के लालगंज स्थित आई एम फाउंडेशन एडु इंस्टिच्यूट के होनहारों ने. देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई में यहां के ग्रामीण परिवेश से आने वाले छात्रों ने शानदार सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती.
सफलता के सितारे, 90+ परसेंटाइल का दबदबा
वैशाली जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर लालगंज-वैशाली बाइपास रोड पर स्थित इस संस्थान ने इस वर्ष भी अपनी सफलता की परंपरा को बरकरार रखा है. संस्थान के शिक्षकों हिमांशु कर्ण और नवनीत कर्ण के कुशल मार्गदर्शन में इस वर्ष मात्र चार विद्यार्थियों ने तैयारी शुरू की थी. जिनमें से तीन ने 90 से अधिक परसेंटाइल लाकर सबको चौंका दिया है. सफल छात्रों का विवरण इस प्रकार है. वैशाली विकास कुमार 94.71 परसेंटाइल, जारंग वर्षा रानी 92.18 परसेंटाइल, कमालपुर आजरा सलाल्लुद्दीन 91.83 परसेंटाइल. इन विद्यार्थियों ने न केवल अपने माता-पिता और कोचिंग संस्थान, बल्कि पूरे लालगंज क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है.
सफलता का मूल मंत्र, अनुशासन और सही मार्गदर्शन
संस्थान के शिक्षकों के अनुसार यहां की पढ़ाई का तरीका बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों से अलग और अधिक व्यक्तिगत है. सफलता के पीछे तीन मुख्य स्तंभ हैं. समय पर सिलेबस पूरा करने को लेकर पाठ्यक्रम को समय से पहले पूरा करना ताकि छात्रों को घबराहट न हो. मजबूत बेस को लेकर शुरुआती दौर में ही बुनियादी अवधारणाओं को इतना मजबूत करना कि कठिन सवाल भी आसान लगें. भरपूर रिवीजन को लेकर परीक्षा से पहले रिवीजन के लिए पर्याप्त समय देना, जिससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है.
सपनों की अगली उड़ान, जेईई एडवांस पर नजर
यह उपलब्धि इन छात्रों के लिए महज एक पड़ाव है. वर्तमान में ये तीनों होनहार छात्र जेईई के सेकेंड सेशन और उसके बाद होने वाली जेईई एडवांस की कठिन चुनौती के लिए जी-तोड़ मेहनत में जुट गए हैं. पिछले वर्ष भी इस संस्थान के एक छात्र ने 94.715 परसेंटाइल हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था. आज लालगंज का यह छोटा सा संस्थान उन सैकड़ों ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की किरण बन गया है, जो आर्थिक तंगी या बड़े शहरों में न जा पाने के कारण अपने सपनों को दबा देते थे. अब सबकी निगाहें आने वाले एडवांस परीक्षा पर टिकी हैं. जहां से इन छात्रों के सपनों को नई ऊंचाइयां मिलने की पूरी उम्मीद है.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
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