भदोही जिले के गोपीगंज कोतवाली के उपनिरीक्षक और होमगार्ड ने खुद को क्राइम ब्रांच से बताकर ठगों के साथ मिलकर वाराणसी निवासी व्यापारी से पांच लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू हुई तो दोनों एसआई और होमगार्ड के नाम भी सामने आए। एसपी ने दोनों को निलंबित कर दिया है। वहीं दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले में पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि वाराणसी के पांडेयपुर, लालपुर, दौलतपुर पोखरा इलाके की भैरव कॉलोनी निवासी आशीष रघुवंशी ने शिकायत दर्ज कराई थी। कहा था कि एक महीने पहले उनकी बुआ के लड़के देवपालपुर जंसा निवासी अमर बहादुर सिंह उर्फ मुरली ने उन्हें बताया कि चौरी निवासी राजेंद्र अपने पुराने मकान को तोड़कर नया मकान बना रहा है। उसके पुराने मकान में सात किलो चांदी मिली है, जिसे वह बेचना चाहता है।
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ऐसे किया गुमराह
गत 27 नवंबर को गोपीगंज में एक ढाबे के पास देवपालपुर, जंसा निवासी राजबहादुर व राजेंद्र मिले। दोनों ने आशीष से पांच लाख रुपये लेकर बोले कि थोड़ी देर में हम चांदी लेकर आते हैं। कुछ ही देर में दोनों एक झोले में ईंट-पत्थर भरकर आए। इस बीच दो पुलिसकर्मी भी पहुंचे और खुद को क्राइम ब्रांच से बताया और राजेंद्र व राजबहादुर को पकड़कर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर चले गए। पीड़ित ने जब कोतवाली में जानकारी ली तो ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया था।
मामले में पीड़ित की शिकायत पर गोपीगंज कोतवाली में आठ दिसंबर को मुरली सिंह, राजबहादुर सिंह और राजेंद्र सिंह के अलावा दो अज्ञात पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और रविवार को राजबहादुर को गिरफ्तार किया।
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