हल्द्वानी में रविवार रात सेंट स्कूल की दीवार गिरने बगल में रह रहे आठ लोग दब गए। शोर मचाने पर पड़ोसियों ने लोगों को मलबे से निकाल कर सुशीला तिवारी पहुंचाया। अस्पताल में मेयर गजराज बिष्ट ने घायलों का हाल चाल जाना।
रविवार देर रात नैनीताल में अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने लोगों को दहशत में डाल दिया। रात करीब डेढ़ बजे से तीन बजे तक चले इस भीषण तूफान ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली की लाइनें टूट गईं, जिससे रात से ही नैनीताल समेत आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
देर रात चली आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई घरों की टिन की छतें तक उड़ गईं। तेज हवाओं से शहर की सड़कों पर पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग भी उखड़कर इधर-उधर जा गिरी, जिससे देर रात कुछ स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई। अचानक आए इस तूफान से लोग सहम गए।वहीं पटवाडांगर रोड और हल्द्वानी रोड में भी कई स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। सुबह तक स्थानीय लोग और प्रशासन सड़क से पेड़ हटाने में जुटे रहे।
देवदार का एक बड़ा पेड़ उनकी कार पर गिरा
ताकुला निवासी अमन जोशी ने बताया कि देर रात आए तूफान के दौरान बल्दीयाखान क्षेत्र में देवदार का एक बड़ा पेड़ उनकी कार पर गिर गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। तेज तूफान के कारण बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो गई। ऊर्जा निगम के एसडीओ प्रयंक पांडे ने बताया कि आंधी के चलते कई स्थानों पर बिजली की लाइनें और पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। विभाग की टीमों को मौके पर भेजकर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक होते ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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इधर प्रशासन भी नुकसान का आकलन करने में जुट गया है। एसडीएम नवाजिश खलीक ने बताया कि आंधी-तूफान से हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमों को भेजा गया है और नुकसान का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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