केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज से जम्मू कश्मीर के दौरे पर हैं। शाह 5 से 7 फरवरी तक जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के बजट सत्र और किश्तवाड़ व उधमपुर में जारी आतंकरोधी अभियानों के बीच हो रहा यह दौरा सुरक्षा की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। शाह के दौरे से ठीक पहले कश्मीरी पंडितों की हत्या का एक पत्र वायरल हो गया है।
शाह जम्मू में प्रदेश की सुरक्षा स्थिति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे और कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, घुसपैठ रोकने के लिए बीएसएफ की ओर से सीमा पर लगाए गए नए उपकरणों का भी केंद्रीय गृह मंत्री निरीक्षण करेंगे। वे सीमा चौकियों पर जवानों से मुलाकात कर उनकी आवश्यकताओं व चुनौतियों पर बात करेंगे। बता दें कि हीरानगर और सांबा सेक्टर आतंकी घुसपैठ के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहे हैं। शाह स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की सुरक्षा रणनीति को और मजबूत बनाने पर बल देंगे।
पत्र में लिखा-घाटी में लौटना मौत का रास्ता
गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले कश्मीरी पंडितों के लिए घाटी में लौटने पर हत्या की धमकी भरा पत्र वायरल किया गया है। फॉल्कन स्क्वाड के नाम से जारी पत्र में की पुलिस व सेना ने इसकी पुष्टि नहीं की है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि जांच की जा रही है।
तीन फरवरी की तारीख के पत्र में लिखा है कि हमने कश्मीरी प्रवासी पंडितों को चेतावनी दी थी कि वे छोटे-मोटे फायदों के लिए बलि का बकरा न बनें लेकिन आप क्रूर मौत के रास्ते पर चल रहे हैं। आप अपने बीच के उन सहयोगियों का अंजाम जानते हैं जिन्होंने चेतावनी के बावजूद इस बात को नजरअंदाज कर दिया कि उनका क्या होने वाला है। उनके जैसा मत बनो और अपना नाम उनकी मौत की लिस्ट में शामिल मत करवाओ।
हत्याओं को स्वीकारा, समझौते को तोड़ने का आरोप
पत्र में लिखा है कि पहले हमने आपको निशाना बनाने की गतिविधियां रोक दी थीं क्योंकि कुछ कश्मीरी प्रवासी पंडित समूहों और आपके बड़ों ने आश्वासन दिया था कि वे संघी सरकार के हाथों में नहीं खेलेंगे। अब आपने उन समझौते को तोड़ दिया है। इसलिए अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। आपके कामों पर हमारी नजर है।
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