आज राज्यसभा चुनाव है। पांच सीटों के लिए विधानसभा में वोटिंग होगी। महागठबंधन और एनडीए के विधायक पांचवीं सीट पर अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। इन सब के बीच कांग्रेस के दो विधायक पहुंच से बाहर हो गए हैं। दोनों से संपर्क नहीं हो पा रही है। एनडीए के कुछ नेता पहले से दावा कर रहे थे कि विपक्ष के कुछ विधायक हमारे संपर्क में हैं। ऐसे में अचानक दोनों विधायकों के ट्रेसलेस होने से राजनीतिक गलियारे में तरह-तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। फारबिसगंज और वाल्मीकिनगर के विधायक के मोबाइल स्विच होने पर चर्चाओं का बाजार गर्म होने लगा है। विधानसभा में वोटिंग के लिए वोटिंग के लिए अब तक नहीं पहुंचे है।
वहीं फारबिसगंज के विधायक मनोज बिश्वास से संपर्क करने की भी कोशिश की गई तो उनका भी फोन भी स्विच ऑफ बताया जा रहा है। वहीं वाल्मीकिनगर सीट से विधायक चुने गए सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा का फोन भी स्विच ऑफ बता रहा है। दोनों विधायक सुबह तक होटल नहीं पहुंचे थे। यहीं पर महागठबंधन के सभी विधायकों को ठहराया गया था। इतना ही नहीं यह दोनों सोमवार सुबह खबर अपडेट होने तक तक विधानसभा भी वोट डालने नहीं पहुंचे। राजनीतिक पंडितों की मानें तो राज्यसभा चुनाव के समय अक्सर क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक समीकरण बदलने की आशंका बनी रहती है, ऐसे में इन चर्चाओं ने और भी जोर पकड़ लिया है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से इन सभी कयासों को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन, इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चर्चा तो यह भी हो रही है कि यह विधायक कांग्रेस का हाथ छोड़ देंगे।
मनोज बिश्वास ने दो पार्टियाें के बाद कांग्रेस को कब किया ज्वाइन?
सीमांचल के जिले अररिया की फारबिसगंज सीट से विधायक चुने गए मनोज बिश्वास 2009 से राजनीति में हैं। आधार नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड का रहा है, हालांकि वह राजद में भी रहे हैं। वह पहली बार 2010 में जदयू के प्रखंड युवा अध्यक्ष बने। 2012 में जदयू में सक्रिय हुए। 2017-18 में जदयू के प्रदेश अति पिछड़ा सचिव बन कर रहे। फिर, 2019 में राजद से जुड़ गए और वहां अतिपिछड़ा प्रदेश महासचिव बने। वर्ष 2023 से 2025 के चुनाव से कुछ दिन पहले तक वह राजद के जिला प्रधान महासचिव रहे। चुनाव से कुछ दिन पहले कांग्रेस की सदस्यता ली और फारबिसगंज विधानसभा से 221 मतों से जीत हासिल कर विधायक बने।
सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा 2024 में कांग्रेस में शामिल हुए थे
नेपाल से सटे पश्चिम चंपारण जिले की वाल्मीकिनगर सीट से विधायक चुने गए सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने 2024 में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके पहले वह उपेंद्र कुशवाहा की तत्कालीन पार्टी- राष्ट्रीय लोक समता पार्टी से जुड़े थे। 2015 में कुशवाहा की पार्टी से चुनाव में उतरे तो तीसरे नंबर पर रहे थे। 2025 के चुनाव में वह 1675 मतों से जीत दर्ज कर सके।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.