दवा कारोबारी पावेल गर्ग पर जीएसटी चोरी करने के आरोप हैं। (फाइल फोटो)
हरियाणा के सोनीपत के दवा कारोबारी पावेल गर्ग को केंद्रीय जीएसटी ने गिरफ्तार किया है। दबा कारोबारी पर औषधीय सामान के कारोबार में बड़े पैमाने पर जीएसटी अनियमितता बरतने के आरोप है। गिरफ्तारी से पहले केंद्रीय जीएसटी आयुक्त कार्यालय, रोहतक की टीम ने सोनीप
कई घंटे चली जांच में 118.49 करोड़ रुपए की कथित अवैध बिक्री का खुलासा हुआ है। इसके बाद दवा कारोबारी से पूछताछ की गई तो वह दवाओं की बिक्री के संबंध में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सके। इसके बाद टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया ।
गिरफ्तारी के बाद दबा कारोबारी को सोनीपत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए।
जांच एजेंसी के अनुसार कंपनी के प्रमोटर पावेल गर्ग पर इस पूरे अवैध कारोबार को संचालित करने में प्रमुख भूमिका निभाने का संदेह है।(फाइल फोटो)
सोनीपत में दवा कंपनी पर जीएसटी छापा केंद्रीय जीएसटी आयुक्त कार्यालय, रोहतक के अधिकारियों ने औद्योगिक क्षेत्र सोनीपत में स्थित कॉम्बिटिक ग्लोबल कैपलेट प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में जांच कार्रवाई की। इस दौरान आयकर और कारोबार से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए, जिनसे बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
118.49 करोड़ की अवैध बिक्री के संकेत जांच में सामने आया है कि जब्त दस्तावेजों के अनुसार कंपनी द्वारा करीब 118.49 करोड़ रुपए मूल्य के औषधीय सामान की अवैध बिक्री की गई। इस राशि में लगभग 21.30 करोड़ रुपए का जीएसटी शामिल बताया जा रहा है, जिसे सरकार को जमा नहीं कराया गया।
प्रमोटर पावेल गर्ग की भूमिका संदिग्ध जांच एजेंसी के अनुसार कंपनी के प्रमोटर पावेल गर्ग पर इस पूरे अवैध कारोबार को संचालित करने में प्रमुख भूमिका निभाने का संदेह है। अधिकारियों का दावा है कि पावेल गर्ग ने अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर इस गतिविधि को अंजाम दिया। जीएसटी विभाग ने बताया कि आरोपी पर केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 132 के तहत नियमों के उल्लंघन का आरोप है। इन्हीं आधारों पर पावेल गर्ग को गिरफ्तार किया गया।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी गिरफ्तारी के बाद पावेल गर्ग को सोनीपत के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। सीजीएसटी सोनीपत के सहायक आयुक्त ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। जब्त दस्तावेजों के विश्लेषण के आधार पर जीएसटी विभाग द्वारा आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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