सोनीपत सिविल हाॅस्पिटल में पहुंचे पांची गांव के परिजन और ग्रामीण
सोनीपत के गांव पांची जाटान के रहने वाले दीपक की सड़क हादसे में हुई मौत को लेकर ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र न मिलने से आक्रोशित लोग सोमवार को सिविल अस्पताल पहुंचे और हेल्थ विभाग व पुलिस प
परिवार का कहना है कि हादसे के कई दिन बीत जाने के बाद भी न तो रिपोर्टें मिल रही हैं और न ही पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई की है, जिसके चलते उन्हें न्याय की उम्मीद क्षीण होती जा रही है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और डेथ सर्टिफिकेट न मिलने से भड़के परिजन
परिवार का कहना है कि हादसे के बाद से वे कई बार सिविल अस्पताल के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा। कभी छुट्टी का हवाला दिया जाता है तो कभी अगले दिन आने को कहा जाता है। मजबूर होकर परिजन ग्रामीणों व पूर्व सरपंच के साथ सिविल अस्पताल और सीएमओ कार्यालय पहुंचे।
परिवार का कहना है कि हादसे के बाद से वे कई बार सिविल अस्पताल के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा
पुलिस पर कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप
परिजन और ग्रामीणों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अब तक पुलिस ने न तो किसी आरोपी की पहचान की है और न ही हाईवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज जुटाई है। पुलिस की ओर से यह कहकर मामला टाल दिया जाता है कि कैमरे खराब थे या जांच में समय लगेगा। कई बार फोन करने पर भी पुलिस का मोबाइल स्विच ऑफ मिलता है।
पुलिस कमिश्नर से मुलाकात, मिला आश्वासन
ग्रामीणों ने मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर ममता सिंह से मुलाकात की। परिजनों के अनुसार, कमिश्नर ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। परिवार का कहना है कि जब तक आरोपी वाहन और चालक की पहचान नहीं होती और रिपोर्टें नहीं मिलतीं, उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

सिविल हॉस्पिटल में महिलाएं भी पहुंची और कार्रवाई की मांग की
22 नवंबर को हुआ हादसा, मौके पर घायल हुआ दीपक
दीपक के पिता ने बताया कि 22 नवंबर को उनका बेटा ड्राइवर के तौर पर काम पर जाने के लिए सोनीपत से ऑटो में सवार हुआ था। जैसे ही ऑटो ने बालगढ़ फ्लावर क्रॉस किया, पीछे से आई काले रंग की स्कॉर्पियो ने जोरदार टक्कर मार दी। ऑटो पलट गया और दीपक गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के लिए ले जाते समय उसकी मौत हो गई।

दीपक की मौत के बाद दस्तावेज न मिलने के चलते मौके पर ग्रामीणों के साथ पहुंचे परिजन
बहन का दुख -15 साल से कर रहा था ड्राइविंग, तीन छोटे बच्चे अनाथ हुए
दीपक की बहन सोनिया ने बताया कि उनका भाई पिछले 15 साल से ड्राइविंग करता था और परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था। उसकी दो बेटियां 6 और 4 वर्ष की हैं और एक 2 साल का बेटा है। मौत के बाद परिवार टूट चुका है और न्याय न मिलने से उनकी पीड़ा और बढ़ गई है।
परिवार की मांग – शीघ्र मिले रिपोर्टें और आरोपी की पहचान हो
परिवार का कहना है कि यदि पुलिस समय पर सीसीटीवी खंगालती और आरोपी वाहन की पहचान करती तो इस दुखद घटना में उन्हें कुछ राहत मिलती। परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डेथ सर्टिफिकेट तुरंत जारी करने तथा पुलिस द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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