प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को निर्देश दिया गया है कि वे निगरानी विभाग, अन्वेषण ब्यूरो को लंबित फोल्डर शीघ्र उपलब्ध कराएं. विभागीय पत्र के अनुसार कुल 69,809 फोल्डरों में से अब तक मात्र 160 फोल्डर ही उपलब्ध कराए गए हैं.
निगरानी विभाग, अन्वेषण ब्यूरो ने अपने पत्र के माध्यम से शिक्षा विभाग को सूचित किया था कि शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े प्रमाण पत्रों की जांच में इन फोल्डरों की अत्यंत आवश्यकता है. इससे पूर्व भी जनवरी 2023 में विभागीय पत्र जारी कर संबंधित अधिकारियों को फोल्डर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ. अब पुनः स्मारित करते हुए शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इसमें और विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
बताया जा रहा है कि यह मामला सीधे तौर पर शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता से जुड़ा हुआ है. वर्ष 2006 से 2015 का कालखंड बिहार में नियोजन आधारित शिक्षक बहाली का महत्वपूर्ण दौर रहा है. ऐसे में इतने बड़े पैमाने पर प्रमाण पत्रों का उपलब्ध न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है. निगरानी विभाग द्वारा इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नियुक्तियों में कहीं फर्जीवाड़ा या अनियमितता तो नहीं हुई.
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित फोल्डर यथाशीघ्र निगरानी विभाग को भेजे जाएं. साथ ही यह भी संकेत दिया गया है कि यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है. इस पत्र के बाद शिक्षा महकमे में हलचल तेज हो गई है और जिला स्तर पर फोल्डरों की खोजबीन शुरू कर दी गई है. अब देखना यह होगा कि वर्षों से लंबित यह मामला कितनी तेजी से सुलझ पाता है और निगरानी जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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