सिंगरौली जिले के नवानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत एनसीएल अमलोरी कोल माइंस परियोजना में ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ जवान पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना में शामिल दो आरोपियों को नवानगर थाना प्रभारी अनिल पटेल के नेतृत्व में गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
नगर पुलिस अधीक्षक पुन्नू सिंह परस्ते ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सनसनीखेज घटना 18 जनवरी की है। उस दिन सीआईएसएफ जवान सतीशचंद्र भारती अमलोरी परियोजना खदान में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान कुछ आरोपी खदान क्षेत्र से केबल तार चोरी कर ले जा रहे थे। जवान द्वारा रोकने और समझाने पर आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
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बनारस में चल रहा इलाज
हमले के बाद आरोपियों ने गंभीर रूप से घायल जवान को नाले में फेंक दिया और केबल तार चोरी कर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जवान की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें तत्काल इलाज के लिए बनारस के अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
10-10 हजार का इनाम
पुलिस की त्वरित कार्रवाई में आरोपी रामधानी सिंह और महेंद्र बैगा को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में दोनों से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। नगर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सीआईएसएफ जवानों पर हमला गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश गया है।
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